श्रीगंगानगर: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की खेप बरामद की है। श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में पाकिस्तानी सीमा की ओर से ड्रोन के जरिए संदिग्ध पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दो पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस और संदिग्ध RDX समेत अन्य सामग्री जब्त की। कार्रवाई के दौरान पंजाब के दो युवकों को भी पकड़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की यह खेप किसने भेजी और इसे भारत में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
रावला मंडी के 12 KND क्षेत्र में हुई कार्रवाई
श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती रावला मंडी इलाके की ग्राम पंचायत 12 KND में सोमवार देर रात संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया।
शुरुआती सूचना के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आए एक ड्रोन ने सीमावर्ती क्षेत्र में नहर के पास स्थित खेत में संदिग्ध पैकेट गिराए थे। पहले आशंका जताई जा रही थी कि इन पैकेटों में नशीले पदार्थ हो सकते हैं, लेकिन तलाशी के दौरान हथियार, कारतूस और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से मामला गंभीर हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संयुक्त अभियान ‘सीमांतक’ के तहत की गई। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
ड्रोन ने तीन बार उड़ान भरकर गिराए पैकेट
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, संदिग्ध ड्रोन ने तीन बार उड़ान भरकर अलग-अलग हिस्सों में पैकेट गिराए। सुरक्षा एजेंसियों को इस गतिविधि के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इलाके में निगरानी और घेराबंदी की गई।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री भेजे जाने की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन कहां से संचालित किया गया और पैकेट गिराने के लिए किसने निर्देश दिए थे।
दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 650 कारतूस बरामद
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त सामान में दो पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस, चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट कंट्रोल शामिल हैं। इसके अलावा विस्फोटक होने की आशंका वाली सामग्री भी मिली है, जिसे संदिग्ध RDX बताया जा रहा है।
हालांकि, बरामद विस्फोटक की वास्तविक प्रकृति और मात्रा की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सामग्री में RDX मौजूद है या कोई अन्य विस्फोटक पदार्थ।
पंजाब के दो युवक गिरफ्तार, पूछताछ जारी
इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब के दो युवकों को पकड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों युवक कथित तौर पर ड्रोन से गिराए गए पैकेट लेने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें मौके पर पकड़ लिया।
दोनों युवक पंजाब के जालंधर और फिरोजपुर क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे किसके संपर्क में थे, उन्हें पैकेटों की लोकेशन किसने बताई और बरामद हथियारों को आगे कहां पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि दोनों युवकों का संबंध किसी संगठित तस्करी नेटवर्क से है या नहीं। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
एक महीने से निगरानी में थे संदिग्ध
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, पकड़े गए दोनों युवक करीब एक महीने से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे। अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी।
इसी आधार पर सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। ड्रोन से पैकेट गिराए जाने की सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई की और दोनों युवकों को पकड़ लिया।
अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि इस पूरी गतिविधि के पीछे कौन लोग शामिल हैं और सीमा पार से हथियार भेजने का उद्देश्य क्या था।
जयपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम, बम निरोधक दस्ते की मदद
बरामद संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की जांच के लिए जयपुर से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। इसके अलावा संभावित खतरे को देखते हुए बीकानेर से बम निरोधक दस्ते को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
श्रीगंगानगर, बीकानेर और जयपुर की जांच टीमें इस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। विशेषज्ञ जांच के जरिए बरामद सामग्री की पहचान और उसके संभावित इस्तेमाल का पता लगाया जाएगा।
बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा, तलाशी अभियान तेज
हथियारों और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों तथा सीमा पार से होने वाली अवैध आवाजाही पर नजर रख रही हैं।
रावला मंडी और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों और पकड़े गए युवकों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही हैं।
हथियार राजस्थान में इस्तेमाल होने थे या दूसरे राज्य भेजे जाने थे?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीमा पार से भेजे गए हथियारों और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री का अंतिम ठिकाना कहां था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि खेप राजस्थान में ही पहुंचाई जानी थी या इसे पंजाब अथवा किसी अन्य राज्य में भेजने की योजना थी।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि हथियार भेजने वाले लोगों का भारत में किन व्यक्तियों से संपर्क था। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों और बरामद सामग्री के वास्तविक उद्देश्य की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
