टोंक: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। टोंक जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर IAS टीना डाबी की मौजूदगी में चुनाव ड्यूटी निर्धारित करने की पहली महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में मतदान कार्मिकों और रिटर्निंग अधिकारियों का प्रथम रेंडमाइजेशन किया गया। इस दौरान चुनावी जिम्मेदारियों के आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई। कलेक्टर टीना डाबी ने संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
टीना डाबी की मौजूदगी में पूरी हुई चुनाव ड्यूटी की प्रक्रिया
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच टोंक जिला प्रशासन ने मतदान व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर टीना डाबी की निगरानी में चुनाव ड्यूटी के लिए प्रथम रेंडमाइजेशन आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य चुनाव कार्यों में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनिश्चित करना है।
जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव में जिम्मेदारी निभाने वाले विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों और मतदान कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित करने का काम आगे बढ़ाया है। पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न कराई गई।
रिटर्निंग अधिकारी से लेकर APO-4 तक की ड्यूटी तय
प्रथम रेंडमाइजेशन में पंचायत आम चुनाव 2026 के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारियों, मतदान अधिकारियों और एपीओ-1, एपीओ-2, एपीओ-3 तथा एपीओ-4 श्रेणी के मतदान कार्मिकों को शामिल किया गया। इन सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी का निर्धारण रेंडमाइजेशन के माध्यम से किया गया।
रेंडमाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए निर्धारित नियमों के अनुसार मतदान कर्मचारियों की ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। इसका उद्देश्य चुनावी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और तैनाती प्रक्रिया में किसी प्रकार के अनावश्यक हस्तक्षेप की संभावना को कम करना है।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने पर जोर
कलेक्टर टीना डाबी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां पूरी गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव की सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला प्रशासन की ओर से स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आगामी चरणों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदान दलों का गठन और चुनाव संबंधी अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
15 अक्टूबर को होगी रिटर्निंग अधिकारियों की ट्रेनिंग
पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी निर्धारित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, रिटर्निंग अधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण 15 अक्टूबर 2026 को टोंक के बमोर गेट स्थित कृषि प्रशिक्षण केंद्र के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया, मतदान से संबंधित नियमों और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में आवश्यक जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, ताकि मतदान और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित किया जा सके।
बैठक में मौजूद रहे ये वरिष्ठ अधिकारी
प्रथम रेंडमाइजेशन के दौरान जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार मीणा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुशील कुमार अग्रवाल और डीएमओ नितेश कुमार जैन शामिल थे। इनके अलावा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी में चुनावी ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया पूरी की गई और आगामी तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
पंचायत चुनाव से पहले प्रशासनिक तैयारियां तेज
राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही जिला स्तर पर मतदान कर्मचारियों की तैनाती, प्रशिक्षण और चुनाव संचालन से संबंधित तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। टोंक में प्रथम रेंडमाइजेशन पूरा होने के बाद अब आगामी चरणों में मतदान दलों के गठन और अन्य चुनावी व्यवस्थाओं पर काम किया जाएगा।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि मतदान के दौरान कर्मचारियों की उपलब्धता, चुनाव सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की परेशानी न आए। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी प्रशिक्षण और मतदान संबंधी तैयारियों की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
