राजस्थान में आयकर विभाग ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए कई निजी अस्पतालों पर एक साथ छापेमारी की। जयपुर, झुंझुनूं और बहरोड़ में पहुंची विभाग की टीमों ने अस्पतालों के वित्तीय दस्तावेज, बैंक लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की। टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के बीच हुई इस कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन में हलचल मच गई।
सुबह 6 बजे अस्पतालों में पहुंचीं आयकर विभाग की टीमें
जयपुर। राजस्थान में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को आयकर विभाग ने निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की। सुबह करीब 6 बजे अलग-अलग टीमों ने जयपुर, झुंझुनूं और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में स्थित अस्पतालों पर छापेमारी शुरू की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं, टैक्स चोरी और संदिग्ध बिलिंग से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा रही है।
आयकर विभाग के अधिकारी अस्पतालों में मौजूद कंप्यूटर, सर्वर, बिलिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया।
इन अस्पतालों पर हुई आयकर विभाग की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आयकर विभाग की कार्रवाई में जयपुर के मानसरोवर स्थित अमर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर, झुंझुनूं के चूरू रोड स्थित आरआर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और बहरोड़ स्थित पार्क हॉस्पिटल के नाम सामने आए हैं।
इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में सीकर स्थित पार्क ग्रुप से जुड़े अस्पताल में भी जांच की जानकारी दी गई है। हालांकि, कार्रवाई के कुल ठिकानों की आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
झुंझुनूं में पांच गाड़ियों से पहुंचे 15 से ज्यादा अधिकारी
झुंझुनूं के चूरू रोड स्थित आरआर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयकर विभाग की कार्रवाई विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे पांच इनोवा गाड़ियों में 15 से अधिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई में दिल्ली और पंजाब से जुड़े आयकर अधिकारियों की टीमें शामिल हैं। अधिकारियों ने अस्पताल के कंप्यूटर सिस्टम और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू की। कुछ कर्मचारियों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए जाने की भी खबर है।
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज और डॉक्टरों की आवाजाही को बाधित नहीं किया गया।
हरियाणा के पानीपत और गुरुग्राम से भी जुड़ रहे तार
इस छापेमारी में हरियाणा का कनेक्शन भी सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झुंझुनूं स्थित आरआर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का स्वामित्व करीब तीन साल पहले बदला था। बताया जा रहा है कि अस्पताल को पानीपत और गुरुग्राम से जुड़े दो भाइयों की कंपनी ने खरीदा था।
सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि राजस्थान में अस्पतालों पर कार्रवाई के साथ पानीपत में दवा निर्माण और वितरण से जुड़े व्यावसायिक ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमों ने जांच की।
जांच एजेंसियों को अस्पतालों और दवा कारोबार के बीच वित्तीय लेनदेन तथा बिलिंग में अनियमितताओं की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बैंक खातों से लेकर डिजिटल डेटा तक की जांच
आयकर विभाग की टीमें अस्पतालों के वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। जांच के दायरे में अस्पतालों की आय, खर्च, बैंक ट्रांजैक्शन, बिलिंग रिकॉर्ड और टैक्स भुगतान से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा कंप्यूटर और सर्वर में सुरक्षित डिजिटल डेटा की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने अस्पतालों के कर्मचारियों से वित्तीय लेनदेन और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत किए गए भुगतान दावों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हो सकते हैं।
आयकर विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
राजस्थान में अस्पतालों पर हुई इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र और कारोबारी जगत में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच में कितनी अघोषित आय, संदिग्ध लेनदेन या अन्य वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।
आयकर विभाग की ओर से जांच के निष्कर्षों को लेकर आधिकारिक विस्तृत बयान आना बाकी है। ऐसे में फिलहाल किसी अस्पताल या उसके संचालकों के खिलाफ टैक्स चोरी का आरोप सिद्ध नहीं माना जा सकता।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विभाग को क्या साक्ष्य मिले हैं और आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
