राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम राजनीतिक बहस का बड़ा मंच बन गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उनके भाषण में सबसे ज्यादा चर्चा ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुई।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन हो रहा था। शाह का दावा है कि इसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इसे रोकने का इशारा किया।
शाह ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के लिए राष्ट्रीय गीत के साथ समझौता करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को देश की जनता और ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति सम्मान दिखाते हुए माफी मांगनी चाहिए।
शाह ने अपने भाषण में ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक अवसर को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की यादों और देश की पहचान से जुड़ा हुआ है।
राजस्थान के विकास कार्यों का भी किया जिक्र
निम्बाहेड़ा कार्यक्रम में अमित शाह ने राजस्थान में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य के 15 जिलों में करीब 5,755 करोड़ रुपये की 944 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है।
जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासन के दौरान राजस्थान में करीब 11 लाख घरों तक नल से पानी पहुंचा था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 64 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए गए हैं।
CM भजनलाल ने भी गिनाई वाजपेयी की उपलब्धियां
कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयी ने भारत को दुनिया के सामने एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को भी देश की सैन्य ताकत से जोड़कर पेश किया।
निम्बाहेड़ा के मंच से दिए गए अमित शाह के भाषण ने एक बार फिर राष्ट्रवाद, ‘वंदे मातरम’ और तुष्टीकरण की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस अमित शाह के आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या ‘वंदे मातरम’ आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है।
