सावन की कांवड़ यात्रा में हर साल कुछ ऐसी झांकियां और कांवड़ देखने को मिलती हैं, जो अपनी अलग थीम की वजह से लोगों का ध्यान खींच लेती हैं। इस बार उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक ऐसी कांवड़ चर्चा का विषय बन गई, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी तस्वीरें लगी थीं।
यह कांवड़ हरिद्वार से गंगाजल लेकर बुलंदशहर जा रही छह शिवभक्तों की टोली लेकर चल रही थी। जैसे ही यह टोली मुजफ्फरनगर पहुंची, राहगीरों और अन्य कांवड़ियों की नजर इस अनोखी कांवड़ पर टिक गई। कई लोगों ने इसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और कुछ ने इसकी खास थीम के बारे में जानकारी भी ली।
इस टोली का नेतृत्व कर रहे नीरज ने बताया कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के चलते कांवड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लगाई हैं। उनका कहना है कि यह उनका निजी विश्वास है और इसी भावना के साथ उन्होंने यह कांवड़ यात्रा निकाली है। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि भविष्य में भी नरेंद्र मोदी देश और योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश का नेतृत्व करते रहें।
कांवड़ पर केवल तस्वीरें ही नहीं, बल्कि गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग वाले पोस्टर भी लगाए गए थे। नीरज के अनुसार, वे पिछले साल भी इसी तरह की थीम वाली कांवड़ लेकर निकले थे और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया है।
मुस्लिम शिवभक्त बना आकर्षण का केंद्र
इस यात्रा की एक और खास बात यह रही कि टोली में समीर नाम का एक मुस्लिम युवक भी शामिल था। समीर ने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में हिंदू और मुस्लिम दोनों परंपराओं का सम्मान किया जाता है और बचपन से उन्हें सभी धर्मों का आदर करना सिखाया गया है।
समीर का कहना है कि दूसरे धर्म की आस्था और परंपराओं का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी इच्छा से इस यात्रा में हिस्सा लिया और श्रद्धा के साथ गंगाजल भी उठाया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी मन्नत में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की कामना की है।
रात के समय जब यह कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंची, तो बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए जुट गए। कई लोगों ने वीडियो बनाए, फोटो खींची और कांवड़ पर लगे पोस्टर व तस्वीरों को ध्यान से देखा। कुछ देर तक यह टोली लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही और फिर अपनी यात्रा जारी रखते हुए बुलंदशहर की ओर रवाना हो गई।
