6054 536083073961081389 509023470717 863837603 170921 715864296 413184177

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

नगर पंचायत खोंगापानी में विकास के दावों की पोल पहली ही बारिश ने खोल दी है। मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों तक सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के पानी से लबालब भरे ये गड्ढे अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का जाल बन गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता लोगों के आक्रोश को और भड़का रही है।
शुक्रवार को हालात तब असाधारण हो गए जब वर्षों की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भुलाकर कांग्रेस और भाजपा के नेता, दोनों दलों के पार्षद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एक मंच पर आ गए। प्रदर्शनकारियों ने पानी से भरे गड्ढों में उतरकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह दृश्य केवल सड़क की बदहाली का नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जनता के टूटते भरोसे का भी प्रतीक बन गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की जर्जर स्थिति से कई बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। सड़क मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में सड़कें उखड़ जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। गड्ढों और जलभराव ने पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को संकट में डाल दिया है।
जिला महासचिव जगदीश मधुकर ने कहा कि हर वर्ष बरसात में खोंगापानी की जनता इसी समस्या से जूझती है। प्रशासन केवल खानापूर्ति के लिए गड्ढे भरता है.