संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की अनियमितताओं के मुद्दे पर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए सरकार से इस मामले पर जवाब और जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में संसद परिसर पहुंचे। उनके सामने एक दान पेटी रखी गई, जिसे विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बनाया गया। कुछ देर बाद समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी वहां पहुंचीं और प्रदर्शन में शामिल हुईं।
इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद वहां पहुंचे। सभी ने प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी में पैसे डाले। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने दान पेटी से पैसे निकालकर अपनी जेब में रखे। विपक्ष का कहना था कि यह कार्रवाई राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के आरोपों को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए की गई।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने “चढ़ावा चोर” और “चोर-चोर” जैसे नारे लगाए। विपक्ष की मांग है कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद पर संसद में चर्चा कराई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाता रहेगा।
वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि कुछ श्रद्धालुओं को चढ़ावा देने के बाद रसीद नहीं दी गई और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताएं हुईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। विपक्षी सांसदों ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
