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रायपुर

उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ

वृक्ष धरती का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज गुरु पूर्णिमा एवं अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वन महोत्सव में ये बातें कही। उन्होंने इस अवसर पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण किया।  साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने वन विभाग के ‘‘पौधा तुंहर दुवार’’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण भी किया।  
      
उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षा के मंदिर में वृक्षारोपण होना अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायी है। गुरु त्याग, समर्पण और ज्ञान के प्रतीक होते हैं। आज का दिन गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस भी है, जो हमें वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव शरीर अनेक अंगों से मिलकर बना है, उसी प्रकार पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए वृक्ष अत्यंत आवश्यक हैं। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और धरती को जीवनदायी बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथउप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ   

विधायक  धरमलाल कौशिक ने वन महोत्सव में कहा कि वन मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन का आधार हैं। वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। सीसीएफ  मनोज पांडे ने वन महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि वर्ष 1950 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना हुआ है। 
      
विधायक  दिलीप लहरिया, महापौर मती पूजा विधानी, बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, बिल्हा जनपद पंचायत के अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक, कुलपति डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, वनमंडलाधिकारी  नीरज कुमार,  मोहित जायसवाल और  राजेश सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।