बाबा रामदेव बोले- शिक्षा मंत्री का फैसला सड़क पर नहीं, संसद में होता है

योग गुरु बाबा रामदेव ने देश के नए शिक्षा मंत्री को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा मंत्री कौन होगा, इसका फैसला सड़क पर होने वाले प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और संसद करती है। हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और मंत्रियों का चयन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होता है। उन्होंने कहा कि देश को सड़क नहीं, बल्कि संसद चलाती है।

‘ब्राह्मणवाद से आजादी’ जैसे नारों पर जताई आपत्ति

बाबा रामदेव ने प्रदर्शन के दौरान लगाए गए “ब्राह्मणवाद से आजादी” और “आरएसएस से आजादी” जैसे नारों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति ब्राह्मण परिवार में पैदा हुआ है या उसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से राष्ट्रवाद सीखा है, तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या वर्ग को अपमानित करना उचित नहीं है और संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है।

प्रह्लाद जोशी का दिया उदाहरण

बाबा रामदेव ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उन्होंने आरएसएस से राष्ट्रवाद सीखा है, तो इसे लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान दलित, शोषित और वंचित वर्गों को जितने अधिकार देता है, उतने ही अधिकार ब्राह्मण समाज को भी प्राप्त हैं। किसी भी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

राहुल गांधी ने जताया था विरोध

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में छात्र शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय ऐसा फैसला लिया जिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रह्लाद जोशी के पुराने विवादित बयान का भी जिक्र किया और सरकार पर निशाना साधा।

प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी संसद में इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

फिलहाल, नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और उस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं, बाबा रामदेव के बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी चर्चा और भी बढ़ गई है।

ये भी पढ़ें:

By admin