देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। असम, जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग (IMD) ने भी आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
असम में सबसे ज्यादा असर
असम इस समय सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। बाढ़ से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन जिलों के 939 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं। इसके अलावा 24 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड से कई मौतें
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सबसे बड़ा हादसा 20 जुलाई को पुंछ जिले में हुआ, जहां भूस्खलन के बाद एक कच्चा मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे, की मौत हो गई। राज्य में अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। पुंछ और राजौरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली व संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
दूसरे दिन भी बंद रहा जम्मू-श्रीनगर हाईवे
भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे दूसरे दिन भी बंद रहा। यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बंद होने से लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है।
नागालैंड में भी बारिश बनी आफत
नागालैंड में भी लगातार बारिश के कारण कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मॉनसून और पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों के आसपास जाने से बचें, मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
