Arrest of Tej Pratap Yadav

पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। देर रात उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

मॉल से हिरासत, रात में कोर्ट में पेशी
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें नौबतपुर थाना ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। देर रात मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

किन आरोपों में हुई कार्रवाई?
पटना पुलिस का आरोप है कि बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान हुए प्रदर्शन में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, तोड़फोड़ और हिंसा भड़काने में तेज प्रताप यादव की भूमिका रही। इसी मामले में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 109 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

वकील ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव के वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनके मुवक्किल को गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर की प्रति तुरंत उपलब्ध नहीं कराई गई और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

बिहार बंद और छात्र आंदोलन से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़ा है। बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गए थे। पुलिस का कहना है कि हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के मामलों में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

तेजस्वी यादव का सरकार को अल्टीमेटम
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि तेज प्रताप सहित गिरफ्तार सभी लोगों को रिहा किया जाए और दर्ज मामलों की समीक्षा की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

राजनीतिक घमासान तेज
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

आगे क्या?
अब मामले की अगली सुनवाई अदालत में होगी। यदि जांच एजेंसी को आगे पूछताछ की आवश्यकता महसूस होती है तो वह न्यायालय से आवश्यक अनुमति मांग सकती है। दूसरी ओर, विपक्ष और तेज प्रताप समर्थकों ने इस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों के लिए महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

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