जिन लोगों ने जून से पहले सोना और चांदी में निवेश किया था, उनके लिए यह महीना काफी नुकसान वाला साबित हुआ है। इस दौरान दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, बाजार में गिरावट के बाद अब कुछ निवेशक इसे खरीदारी का सही मौका मान रहे हैं और दोबारा निवेश की तैयारी कर रहे हैं।
जून महीने में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में करीब 10% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान 10 ग्राम सोना लगभग 17,000 रुपये तक सस्ता हो गया। वहीं चांदी के दामों में भी बड़ी गिरावट आई है और यह करीब 18% से अधिक टूट गई, जिससे कीमतों में लगभग 51,000 रुपये तक की कमी दर्ज की गई।
शुरुआत में माना जा रहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव खत्म होने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती आ सकती है, लेकिन बाजार ने उलटी दिशा पकड़ ली। इसके पीछे एक बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत बताए जा रहे हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान के बाद यह उम्मीद बढ़ी कि आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका में निवेशक सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड और सिल्वर से पैसा निकालने लगते हैं, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा, कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूली करते हुए सोना-चांदी बेचना शुरू कर दिया और पैसा शेयर बाजार की ओर शिफ्ट कर दिया। इसी वजह से भी इन दोनों धातुओं पर दबाव बढ़ गया और कीमतों में गिरावट तेज हो गई।
अगर पूरे ट्रेंड को देखें तो जनवरी 2026 के अपने उच्चतम स्तर से सोना करीब 29% तक टूट चुका है और अब यह 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है और यह करीब 50% से ज्यादा गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई है।
