सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। मंगलवार को सर्राफा बाजार में दोनों की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी बड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिससे निवेशकों और ग्राहकों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार में 2 जून को जारी ताजा दरों के अनुसार, चांदी की कीमत बढ़कर 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। वहीं सोने के भाव भी रिकॉर्ड स्तर के करीब बने हुए हैं। 24 कैरेट सोना 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट और 23 कैरेट सोने की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 कैरेट सोने का भाव करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 23 कैरेट सोने की कीमत 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक दर्ज की गई। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
अगर चांदी की बात करें तो एक दिन पहले जहां इसका भाव करीब 2.63 लाख रुपये प्रति किलो था, वहीं अब यह बढ़कर 2.66 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है और निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के तौर पर देख रहे हैं।
दिनभर के कारोबार के दौरान भी सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 24 कैरेट सोने का सुबह का रेट 1,55,599 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि शाम तक यह मामूली बदलाव के साथ 1,55,536 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह 22 कैरेट सोने का सुबह का भाव 1,42,529 रुपये था, जो शाम को 1,42,471 रुपये दर्ज किया गया।
चांदी के दामों में भी दिनभर हलचल रही। सुबह चांदी का भाव 2,62,900 रुपये प्रति किलो था, जो शाम तक बढ़कर 2,63,250 रुपये प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर घरेलू कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।
गौरतलब है कि इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी दरें देशभर में मान्य मानी जाती हैं। हालांकि इन कीमतों में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और अन्य टैक्स शामिल नहीं होते। इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को वास्तविक कीमत इसके मुकाबले कुछ अधिक चुकानी पड़ सकती है। सोना और चांदी में लगातार आ रही तेजी के बीच निवेशकों के लिए बाजार पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों और मांग के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
