अमेरिकी रक्षा मंत्री की ईरान को खुली धमकी

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच टकराव जारी है। एक तरफ बातचीत और समझौते की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई और धमकियों का दौर भी लगातार जारी है।

ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी इलाके बंदर अब्बास के पास ड्रोन ऑपरेशन से जुड़े ठिकानों पर हमला किया। इस कार्रवाई के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। जवाब में ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हालांकि कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को रास्ते में ही नष्ट कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने ईरान को फिर चेतावनी दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि ईरान या तो बातचीत के रास्ते आगे बढ़े या फिर उसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। अमेरिका का कहना है कि वह क्षेत्र में अपने हितों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

तनाव के बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच एक अस्थायी समझौते को लेकर बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि 60 दिनों के एक प्रस्तावित समझौते पर शुरुआती सहमति बन सकती है।

इस प्रस्ताव के तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का भरोसा देगा। वहीं अमेरिका और ईरान आने वाले दिनों में यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा करेंगे। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी बड़ी बातचीत चल रही है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस इलाके में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने पर विचार किया जा रहा है। ईरान को समुद्री सुरंगें हटाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक सख्ती में कुछ राहत दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो इससे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

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By admin