आईपीएल 2026 से पहले ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर बहस और तेज हो गई है। गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल ने इस नियम पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि इससे क्रिकेट का मूल संतुलन प्रभावित हो रहा है। उनके मुताबिक क्रिकेट हमेशा से 11 खिलाड़ियों का खेल रहा है, लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम इस परंपरा को बदल रहा है और टीमों को अतिरिक्त फायदा दे रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने कहा कि मौजूदा पिच और मैदानों की स्थिति को देखते हुए एक अतिरिक्त बल्लेबाज मिलने से खेल काफी आसान हो जाता है। इससे खिलाड़ियों की असली स्किल और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता का महत्व कम हो जाता है। उनका मानना है कि जब शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तब टीम को संभालना और स्कोर को आगे बढ़ाना ही असली परीक्षा होती है, लेकिन इस नियम से वह चुनौती कम हो जाती है।
गिल ने यह भी कहा कि कठिन पिचों पर 160 या 180 रन का पीछा करना ज्यादा रोमांचक होता है, क्योंकि वहां खिलाड़ियों की तकनीक और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होती है। वहीं, फ्लैट पिच पर 220 जैसे बड़े स्कोर बनाना या चेज करना उतना मुश्किल नहीं रहता, खासकर जब टीम के पास ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में अतिरिक्त बल्लेबाज का विकल्प हो।
इस मुद्दे पर सिर्फ शुभमन गिल ही नहीं, बल्कि कई अन्य टीमों के कप्तानों ने भी बीसीसीआई के साथ हुई बैठक में अपनी चिंताएं रखी हैं। हालांकि, बोर्ड ने फिलहाल इस नियम को जारी रखने का फैसला किया है और साफ किया है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ रूल 2027 तक लागू रहेगा।
गिल ने माना कि यह नियम दर्शकों के लिहाज से मैच को ज्यादा रोमांचक और हाई-स्कोरिंग बना सकता है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह इसे क्रिकेट की मूल भावना के खिलाफ मानते हैं। उनका कहना है कि खेल में संतुलन और रणनीति का महत्व कम नहीं होना चाहिए।
दरअसल, ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम के तहत दोनों टीमों को अपनी प्लेइंग इलेवन के अलावा 5-5 सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के नाम देने होते हैं। इनमें से किसी एक खिलाड़ी को मैच के दौरान ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकता है। हालांकि, जिस खिलाड़ी की जगह वह मैदान में आता है, वह खिलाड़ी पूरे मैच से बाहर हो जाता है और दोबारा हिस्सा नहीं ले सकता।
कुल मिलाकर, ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर बढ़ती बहस यह दिखाती है कि आने वाले समय में यह मुद्दा आईपीएल की रणनीति और खेल के स्वरूप को लेकर चर्चा का केंद्र बना रहेगा।
