हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 18 साल के छात्र ने अपनी बहादुरी से एक खतरनाक तेंदुए का सामना किया और करीब 10 मिनट तक चली जंग के बाद उसे काबू में कर लिया।
यह घटना अर्की क्षेत्र के सरली गांव की है। गांव में सुबह का समय था और लोग अपने रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे। उसी समय 18 साल का प्रवेश शर्मा घर से दूध लेने के लिए खेतों की ओर जा रहा था। प्रवेश आईटीआई के दूसरे साल का छात्र है। घर से कुछ ही दूरी पर वह खेतों के रास्ते से गुजर रहा था। तभी झाड़ियों में अचानक हलचल हुई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, एक तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर उसके सामने आ गया और उस पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से कोई भी डर सकता था, लेकिन प्रवेश ने हिम्मत दिखाई। उसने तुरंत तेंदुए के जबड़े पकड़ लिए ताकि वह उसके गले पर हमला न कर सके। इसके बाद दोनों के बीच जोरदार संघर्ष शुरू हो गया। तेंदुआ बार-बार अपने पंजों और दांतों से हमला करने की कोशिश कर रहा था, जबकि प्रवेश अपनी पूरी ताकत से खुद को बचाने में लगा था। यह खतरनाक संघर्ष करीब 10 मिनट तक चलता रहा। इस दौरान युवक के हाथ, कंधे, पैरों और चेहरे पर कई चोटें आईं।
इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी। पास पड़े पत्थरों को उठाकर उसने तेंदुए के जबड़ों और पंजों पर वार करना शुरू कर दिया। साथ ही वह मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाता भी रहा। पत्थरों के लगातार वार से तेंदुआ कमजोर पड़ने लगा और आखिरकार कुछ देर बाद वह ढेर हो गया।
संघर्ष खत्म होने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उसे अर्की अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। हालांकि उसे कई चोटें आई थीं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस घटना की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई। लोग 18 साल के इस छात्र की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने भी उसकी हिम्मत की सराहना की और उसे तुरंत 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी।
हालांकि इस घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
