केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार और ओडिशा में पूर्ण बहुमत वाली सरकार मिलकर दो दशकों के विकास की कमी को अगले पांच वर्षों में पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है और सरकार हर नागरिक तक विकास पहुँचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने असम, त्रिपुरा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक भारत ने कई महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में मॉरीशस के साथ, 2022 में यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ, 2024 में चार ईएफटीए देशों के साथ, 2025 में ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ तथा 2026 में यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए गए। इससे भारत के विकास को नई रफ्तार मिली है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पिछली तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही और मौजूदा तिमाही में भी लगभग 8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ओडिशा लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए तेज़ी से काम कर रही है और विशेष रूप से उन आदिवासी समुदायों के विकास के लिए दोगुनी गति से प्रयास किए जा रहे हैं जो वर्षों से विकास से वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ओडिशा के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पारादीप में सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट-III का उद्घाटन
इससे पहले अमित शाह ने ओडिशा के पारादीप में इफको (IFFCO) के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट-III का उद्घाटन किया और सहकारी विकास संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा की जनता द्वारा चुनी गई डबल इंजन सरकार जल्द ही राज्य को विकसित राज्यों की सूची में शामिल कर देगी।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ओडिशा में आदिवासी कल्याण, तटीय विकास और शहरी विकास के लिए पर्याप्त योजनाएं नहीं बनाई थीं, लेकिन अब राज्य “नए भारत की आशा और ओडिशा की संभावनाओं” के साथ आगे बढ़ रहा है।
ओडिशा के लिए नई सहकारी नीति
अमित शाह ने घोषणा की कि ओडिशा के लिए नई सहकारी नीति जल्द घोषित की जाएगी। इसके तहत गुजरात की तरह ओडिशा के हर गांव में डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही सहकारिता के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
इफको की क्षमता में बड़ा विस्तार
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2005 में इफको ने पारादीप प्लांट को 2,577 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिसकी क्षमता उस समय 7.5 लाख मीट्रिक टन थी। आज इसकी क्षमता बढ़कर 22 लाख मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने बताया कि उत्पादन का लगभग 15 प्रतिशत ब्लेंडेड फर्टिलाइज़र और करीब 40 प्रतिशत स्वदेशी डीएपी के रूप में तैयार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि देशभर के उर्वरक कारखानों और रासायनिक उद्योगों के लिए आवश्यक सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन इफको के पारादीप संयंत्र में होना चाहिए।
नैनो उर्वरकों से मिट्टी संरक्षण
अमित शाह ने कहा कि इफको ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने के लिए नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और पीएम-प्रणाम योजना (PM Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth) शुरू की है, जिससे मिट्टी के संरक्षण में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इफको इस क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी संस्था बन चुकी है।
पांच करोड़ किसानों की संस्था है इफको
अमित शाह ने कहा कि इफको की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इससे होने वाली कमाई का लाभ देश के पांच करोड़ किसानों को मिलता है। उन्होंने बताया कि इफको का 41,000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर, 3,800 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा और 28,000 करोड़ रुपये से अधिक की नेटवर्थ इन्हीं किसानों की संपत्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और ओडिशा सरकार सहकारिता के माध्यम से गरीब किसानों, ग्रामीण समुदायों और विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम करती रहेंग
