वाराणसी के प्राचीन मणिकर्णिका घाट पर सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार के नाम पर की गई बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया पैदा की है और विरोध की लहर फैल गई है। वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की मोदी सरकार भी विपक्ष के निशाने पर हैं।
https://x.com/priyankagandhi/status/2011795281055195522?s=20
बता दें कि, विपक्ष का कहना है कि काशी की पहचान से जुड़े घाटों के साथ छेड़छाड़ आस्था और परंपरा दोनों पर चोट है। प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा कि, “बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिकर्णिका घाट और इसकी प्राचीनता का धार्मिक महत्व तो है ही, इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की स्मिृतियां भी जुड़ी हैं। विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने अनेक मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा को न काशी की चिंता है। और न ही काशीवासियों की। उनका आरोप है कि यह पूरा काम केवल आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अविनाशी काशी ही अंततः भाजपा के विनाश का कारण बनेगी।
