हरियाणा के यमुनानगर जिले में कामी माजरा गांव से 30 जुलाई 2025 को लापता हुए 4 साल के मासूम बच्चे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस की जांच में सामने आया कि बच्चे की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी चचेरी बहन और जीजा ने की। हत्या तंत्र क्रिया के लिए की गई थी। आरोपियों ने तंत्र विद्या में सफल होने और अपार शक्तियां हासिल करने और दुनिया में राज करने के लिए बच्चे की बलि चढ़ा दी।
यमुनानगर डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि इस अपराध में केवल पति-पत्नी ही नहीं, बल्कि दो नाबालिग बच्चे भी शामिल थे, जो शव को ठिकाने लगाने में उनके साथ गए थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो नाबालिगों की तलाश जारी है। डीएसपी ने कहा कि तंत्र विद्या और अंधविश्वास के चलते मासूम की हत्या की गई है।
आपको बता दें कि, पुलिस को गांव कामी माजरा से 30 जुलाई को बच्चे की लपाता होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने तलाशी शुरू कि तो खेतों में बने एक ट्यूबलवेल के पास मासूम का शव बरामद हुआ। शुरुआत में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई सामने आ गई। रिपोर्ट में बताया गया कि बच्चे की हत्या गला घोंटकर और गर्दन तोड़कर की गई थी और इसके बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच सीआईए स्टाफ-1को सौंप दी गई।
वहीं, पुलिस को जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिस दिन बच्चा लापता हुआ, उसी दिन उसकी चचेरी बहन भारती ने अपने बच्चों का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया था और इसी संयोग ने पुलिस को शक की दिशा में आगे बढ़ाया। बता दें कि, जब पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू की तो शक की सुई मृतक की चचेरी बहन भारती और उसके पति शिवकुमार पर आकर टिक गई। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया।
हालांकि, पुलिस के पास मौजूद पुख्ता सबूतों और सख्ती के बाद दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर पहले मासूम का अपहरण किया और फिर उसे श्मशान घाट ले गए, जहां उस पर तंत्र क्रिया की गई। इसके बाद सिद्धि पाने की लालसा में बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ट्यूबलवेल के पास एक गड्ढे में फेंक दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।
