CM Yogi Adityanath in the House: सदन में CM योगी आदित्यनाथ ने दिया विपक्ष को जवाबCM Yogi Adityanath in the House: सदन में CM योगी आदित्यनाथ ने दिया विपक्ष को जवाब

CM Yogi Adityanath in the House: सदन में CM योगी आदित्यनाथ ने दिया विपक्ष को जवाब

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे और आखिरी दिन सदन में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर सीधे और आक्रामक अंदाज में हमला बोला। सीएम योगी ने अपने भाषण की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर निशाना साधते हुए की और इसके बाद कानून-व्यवस्था, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, विकास कार्यों और निवेश जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में न तो दंगा है और न ही अराजकता। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपकी ही पार्टी से विधायक चुनी गई पूजा पाल को न्याय नहीं दिलाया गया। उन्होंने कहा कि उस समय माफिया के सामने झुकना मजबूरी बन गई थी और एक गरीब बेटी को न्याय नहीं मिल पाया। सीएम ने सवाल किया कि क्या वह पीडीए का हिस्सा नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेटी चाहे किसी भी पक्ष की हो, हर हाल में उसे न्याय मिलेगा।

योगी आदित्यनाथ ने सपा शासनकाल की भर्ती प्रक्रियाओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में योग्य युवाओं को प्राथमिकता नहीं मिलती थी और भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर बिगाड़ा जाता था। उन्होंने शिवपाल यादव का नाम लेते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया को तार-तार करने में वे माहिर थे। सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा पारदर्शी तरीके से नौकरी पा रहा है और इसी वजह से शिक्षा आयोग में रिटायर्ड डीजीपी को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि नकल और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह माफिया की कमर तोड़ी गई है, उसी तरह नकल माफिया की भी कमर तोड़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गलत आदतें डाल दी थीं, लेकिन जब कोई हेकड़ी दिखाता है, तो सरकार उसे ठीक करना जानती है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम सज्जन को सुरक्षा देना और दुर्जन को उसके अंजाम तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान भगवद गीता का श्लोक “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्” पढ़ा और कहा कि वे यहां भजन करने के लिए नहीं बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अगर भजन करना होता तो मठ में रहते, लेकिन सरकार चलाने के लिए कठोर फैसले लेने पड़ते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे गरीबों के हित में विधेयक लेकर आए थे, लेकिन विपक्ष ने उस पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी जमीन पर माफिया कब्जा करता है या अनैतिक गतिविधियां करता है, तो उस पर कार्रवाई तय है।

विकास के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की सड़कें गड्ढों से भरी रहती थीं और मेट्रो परियोजनाओं का मजाक बनाया गया था। रेलवे नेटवर्किंग के लिए केंद्र और राज्य के बीच कोई समन्वय नहीं था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे बनने जा रहे हैं और इनके पूरा होने पर देश के 60 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे यूपी में होंगे। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा मेट्रो नेटवर्क और एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हैं। 2017 से पहले जहां केवल दो एयरपोर्ट थे, वहीं अब यह संख्या 16 हो चुकी है और जल्द ही जेवर एयरपोर्ट शुरू होने जा रहा है।

सीएम ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल उत्तर प्रदेश में चल रही है और पहला वाटर-वे भी वाराणसी से हल्दिया के बीच संचालित हो रहा है, जिसे अयोध्या तक ले जाने की योजना है। उन्होंने इसे सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम बताया।

रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते नौ वर्षों में बिना घूसखोरी के नौ लाख नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने हाल ही में हुई 60 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें विपक्ष के क्षेत्रों के युवा भी चयनित हुए हैं और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले ट्रेनिंग की क्षमता सीमित थी, लेकिन अब प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत किया गया है।

निवेश को लेकर सीएम ने कहा कि पहले कोई भी उद्योगपति यूपी में निवेश नहीं करना चाहता था। समाजवादी पार्टी की नीतियों के कारण कारोबारी डरते थे। उन्होंने कहा कि निवेशक सम्मेलनों के जरिए अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये जमीन पर उतर चुके हैं और सात लाख युवाओं को सीधे रोजगार मिला है।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब नया यूपी बन चुका है, जहां युवाओं को देश-दुनिया में भटकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी के युवा रक्षा क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं। राशन और राहत वितरण पर उन्होंने कहा कि सरकार किसी का चेहरा देखकर नहीं, बल्कि जरूरत देखकर मदद करती है और भेदभाव करना उनके लिए पाप है।