BPL cards: बीपीएल कार्डों की कटौती में हरियाणा कैसे पहुंचा टॉप पर!BPL cards: बीपीएल कार्डों की कटौती में हरियाणा कैसे पहुंचा टॉप पर!

BPL cards: बीपीएल कार्डों की कटौती में हरियाणा कैसे पहुंचा टॉप पर!

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को बड़ा झटका लगा है। साल 2025 में अक्टूबर महिने तक हरियाणा BPL राशन कार्ड काटने में देशभर में अव्वल है। ये आंकड़े केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक मंत्रालय है, जोकि शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया द्वारा सदन पटल पर रखे गए हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 13 लाख 41 हजार 385 बीपीएल राशन कार्ड काटे गए, इनमें हरियाणा के 32 फीसदी है। लिहाजा, इन आंकड़ों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब 13 लाख से ज्यादा परिवारों को मिलने वाली बीपीएल की सुविधाएं पूरी तरह बंद हो गई है।

उपभोक्ता मामले एवं खाद्य वितरण मंत्रालय की ओर स्पष्ट किया है कि राज्यों द्वारा राशन कार्ड रद्द करने के प्रमुख कारण डुप्लीकेट या अपात्र लाभार्थियों की पहचान, ई-केवाईसी में विसंगतियां, मृत्यु और परिवारों का स्थायी प्रवास शामिल है। दरअसल, पंजाब से लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सहित तीन अन्य सांसदों ने अक्टूबर 2025 तक देशभर में राज्यवार सक्रिय राशन कार्ड, 2020 से अब तक काटे गए राशन कार्ड और काटने के कारणों का ब्योरा मांगा, जिसके जवाब में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया की ओर से विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई।

राज्य सरकार की और से परिवार पहचान पत्र और आय मानकों के आधार पर बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाते हैं। जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उन्हें बीपीएल श्रेणी में शामिल कर सरकार की सुविधाओं का लाभदिया जाता है। इसके अलावा सालाना बिजली का बिल भी 12 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। प्रदेशभर में बीपीएल राशन कार्ड धारकों की संख्या 40 लाख 62 हजार 740 है, जबकि अप्रैल माह में ये संख्या 52 लाख से ज्यादा थी। बीपीएल परिवारों को सस्ता रागान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास और स्वास्थ्य योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है।

राज्य के आपूर्ति विभाग की ओर से अक्टूबर माह तक 13 लाख 43 हजार 474 परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया है। दरअसल सत्यापन के दौरान विभाग को पीपीपी और आय मानकों में खामियां मिली जिसके आधार पर इनके बीपीएल राशन कार्ड काटे गा है। यही नहीं इन परिवारीकीर्षक आय 1.80 लाख रुपये से ज्यादा थी, जॉकि फजी तरीके से बीपीएल सेवाओं का लाभ ले रहे थे। कारें, कई परिवारों का सालाना बिजली बिल 30 हजार से ज्यादा था और 200 से 400 गज भूमि की रजिस्ट्री घर में दोपहिया और चार पहिया वाहन भी थे। ऐसे परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया गया है, जोकि फर्जी तरीके से बीपीएल सेवाओं का लाभ ले रहे थे। खाद एवं आपूर्ति विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन परिवारों की आय निर्धारित आय मानकों से ज्यादा थी और जो फर्जी तरीके से बीपीएल सेवाओं का लाभ ले रहे थे, उनके कार्ड नियमों के अनुसार रद्द कर दिए गए हैं।

By Abhishek Saini

वर्तमान में मैं 4Iconic Media Group में पिछले तीन वर्षों से न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों के अनुभव के साथ संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और कंटेंट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सुदर्शन न्यूज से की, जिसके बाद A2Z न्यूज चैनल, जनता टीवी, MH1 न्यूज सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। समाचार संपादन, कंटेंट प्लानिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट में व्यापक अनुभव हासिल किया है। लेखन मेरा जुनून है और निष्पक्ष, प्रभावशाली तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा हूं। मीडिया जगत में अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच के बल पर लगातार नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा हूं।

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