A historic event will be held in Lucknow on Atal Jayanti: अटल जयंती पर लखनऊ में होगा ऐतिहासिक आयोजनA historic event will be held in Lucknow on Atal Jayanti: अटल जयंती पर लखनऊ में होगा ऐतिहासिक आयोजन

A historic event will be held in Lucknow on Atal Jayanti: अटल जयंती पर लखनऊ में होगा ऐतिहासिक आयोजन

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रही है. इस दिन लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से वसंत कुंज योजना में विकसित किए गए राष्ट्र प्रेरणास्थल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस भव्य आयोजन को लेकर राजधानी में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों के लखनऊ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

आयोजन को लेकर अनुमान है कि कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों की भीड़ जुट सकती है. इसे देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने यातायात, परिवहन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है. प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों को लाने के लिए कुल 2500 बसों की व्यवस्था की गई है. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसके लिए परिवहन विभाग से बसें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी दे दी गई है.

बसों के संचालन, पार्किंग और रूट मैनेजमेंट को लेकर विशेष योजना बनाई गई है ताकि कार्यक्रम के दिन लखनऊ की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो. शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग स्थलों का निर्धारण किया गया है. बसों को निर्धारित समय पर शहर में प्रवेश और निकास की अनुमति दी जाएगी, जिससे जाम की स्थिति न बने.

वसंत कुंज योजना में विकसित राष्ट्र प्रेरणास्थल लगभग बनकर तैयार हो चुका है. यह स्थल अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के विचारों, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित है. इस स्थल को एक वैचारिक और प्रेरणादायी केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां आने वाली पीढ़ियां इन नेताओं के जीवन, सोच और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से परिचित हो सकेंगी.

लोकार्पण समारोह को लेकर स्थल पर सजावट, मंच निर्माण, साउंड सिस्टम, लाइटिंग और तकनीकी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं. सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया गया है. कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहेंगी. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है.

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाली बसों के लिए विस्तृत सूची तैयार की गई है. लखनऊ से 400 बसें, देवीपाटन मंडल से 250, अयोध्या से 200, प्रयागराज से 200, हरदोई से 350, इटावा से 200, बरेली से 300, मुरादाबाद से 100, कानपुर से 350, वाराणसी से 50 और अलीगढ़ से 100 बसें कार्यक्रम में लगाई जाएंगी.

इन बसों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक लखनऊ पहुंचेंगे.
बसों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डीजल पंपों को 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं. कार्यक्रम में शामिल बसों को निशुल्क डीजल उपलब्ध कराया जाएगा. डीजल वितरण और अंकन की अलग से व्यवस्था की जाएगी, ताकि संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न आए.

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में लगाई जाने वाली सभी बसें तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट होंगी. बसें साफ-सुथरी रहेंगी, उनके शीशे पूरे होंगे और बस चालकों को निर्धारित वर्दी में ही ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा. बसों की नियमित जांच और निगरानी के निर्देश भी जारी किए गए हैं.

बसों के संचालन का पूरा खर्च लखनऊ विकास प्राधिकरण वहन करेगा. परिवहन निगम ने इस संबंध में एलडीए के उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर भुगतान की जानकारी दी है. पत्र के अनुसार प्रति बस ₹27,808 का भुगतान किया जाएगा. इसमें से 90 प्रतिशत राशि अग्रिम रूप से जमा करानी होगी. एक बस प्रतिदिन अधिकतम 400 किलोमीटर तक चलेगी. यदि बस 400 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती है, तो प्रति किलोमीटर ₹69.52 का अतिरिक्त शुल्क देना होगा.

इसके अलावा बस ड्यूटी में एक दिन पहले और एक दिन बाद का शुल्क भी जोड़ा जाएगा. परिवहन विभाग ने भुगतान के लिए बैंक विवरण भी एलडीए को भेज दिया है, ताकि समय पर वित्तीय प्रक्रिया पूरी की जा सके. प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बसों की उपलब्धता, भुगतान और संचालन में किसी प्रकार की देरी न हो.

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसे एक बड़े सांस्कृतिक और वैचारिक आयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है. राजधानी लखनऊ में होने वाला यह आयोजन प्रदेश और देशभर की नजरें अपनी ओर खींचेगा.