Goa nightclub fire: गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में रोमियो लेन पर बुलडोज़रGoa nightclub fire: गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में रोमियो लेन पर बुलडोज़र

Goa nightclub fire: गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में रोमियो लेन पर बुलडोज़र

गोवा के वागाटोर इलाके में हुए भीषण नाइट क्लब अग्निकांड के बाद राज्य सरकार पूरी तरह हरकत में आ गई है। सात दिसंबर को रोमियो लेन नाइट क्लब में लगी आग ने जहां 25 लोगों की जान ले ली, वहीं कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद से लगातार सवाल उठ रहे थे कि आखिर आग लगने की असल वजह क्या थी और किसकी लापरवाही से यह त्रासदी हुई। इसी बीच मंगलवार को प्रशासन ने इस क्लब के एक हिस्से पर बुलडोजर चलाकर बड़ा संदेश दिया है कि लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रोमियो लेन नाइट क्लब, जो इस समय जांच के दायरे में है, कुख्यात लूथरा ब्रदर्स की संपत्ति बताया जाता है। आगजनी की घटना होते ही क्लब के संचालक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड के फुकेत भाग निकले। स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों को उनकी इस हरकत से स्पष्ट हो गया कि क्लब संचालन में कई अनियमितताएँ रही होंगी, जिन्हें छिपाने की कोशिश की गई। जिसके बाद उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया और उन्हें वापस भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई

इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गोवा अथॉरिटी ने लूथरा ब्रदर्स की संपत्तियों पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। रोमियो लेन के अलावा उनके गोवा स्थित दो और नाइट क्लबों को सील कर दिया गया है। इनमें “Caha by Romeo Lane at Anjuna” शामिल है, जो अंजुना बीच पर स्थित एक लोकप्रिय फूड जॉइंट और पार्टी स्पॉट माना जाता है। इसके साथ ही सौरभ लूथरा का वागाटोर स्थित ‘Romeo Lane’ क्लब, जहां बुलडोजर एक्शन हुआ, उसे भी पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रशासन का यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती।

अग्निकांड के बाद पुलिस और सरकारी एजेंसियों ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इसी कड़ी में गोवा पुलिस ने क्लब मालिकों के खिलाफ इंटरपोल ब्लू नोटिस जारी करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से औपचारिक अनुरोध किया है। यह नोटिस किसी व्यक्ति की लोकेशन, पहचान और गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए जारी किया जाता है। पुलिस को संदेह है कि दोनों भाई कई दिनों से थाईलैंड में ही छिपे हुए हैं। इंटरपोल के सहयोग से उन्हें ढूंढकर भारत लाए जाने की कोशिशें जारी हैं।

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लू नोटिस के आधार पर पहले आरोपियों का लोकेशन ट्रैक किया जाता है। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ती है और चार्जशीट फाइल हो जाती है, तो इंटरपोल रेड नोटिस जारी हो सकता है। रेड नोटिस के जरिए किसी भी देश की एजेंसी को आरोपी को हिरासत में लेने का अधिकार मिलता है। हालांकि वर्तमान में जांच शुरुआती स्तर पर है और इसलिए ब्लू नोटिस जारी करवाने की प्रक्रिया को ही तेज किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वागाटोर के रोमियो लेन क्लब में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। आग बुझाने के उपकरणों की कमी, बिजली के अवैध कनेक्शन और ओवरलोडिंग जैसे कारणों की शिकायतें पहले भी मिल चुकी थीं। हालांकि क्लब प्रबंधन हर बार लाइसेंस और प्रभाव का सहारा लेकर कार्रवाई से बचता रहा। लेकिन सात दिसंबर की रात हुई त्रासदी ने उन सभी खामियों को उजागर कर दिया, जो बरसों से अनदेखी की जा रही थीं।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी दावा किया कि आग लगने के बाद क्लब स्टाफ की ओर से तुरंत निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे कई लोग बाहर निकल नहीं पाए। यह भी सामने आया कि क्लब की संरचना में अवैध निर्माण किया गया था, जिसके चलते आग तेजी से फैल गई

घटना के बाद से गोवा सरकार पर सवाल उठ रहे थे कि आखिर इतने बड़े हादसे के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों हुई। इसी दबाव के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। रोमियो लेन क्लब पर बुलडोजर चलाकर सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि राज्य में अवैध रूप से चलने वाले क्लब, बार और बीच शैक अब जांच के दायरे में आएंगे।

प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जल्दी ही गोवा के अन्य इलाकों में भी नाइट क्लबों की सुरक्षा जांच शुरू की जाएगी। विशेषकर अंजुना, वागाटोर, बागा और कैंडोलिम जैसे टूरिस्ट हॉटस्पॉट्स पर संचालित बड़े क्लबों में निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, तो उस पर भी एक्शन लिया जाएगा।

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