चंडीगढ़ मेयर के घर सुबह-सुबह क्यों बजे ढोल?चंडीगढ़ मेयर के घर सुबह-सुबह क्यों बजे ढोल?

चंडीगढ़ मेयर के घर सुबह-सुबह क्यों बजे ढोल?

 

चंडीगढ़ में कूड़ा प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को तब और गर्मा गया जब शहर की मेयर हरप्रीत कौर बबला के घर के बाहर अचानक ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजने लगी।

कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश सचिव ममता डोगरा एक पूरे जत्थे के साथ मेयर के घर पहुंचीं और खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर ढोल बजाकर चालान काटने की कार्रवाई पर तीखा विरोध दर्ज कराया।

सुबह लगभग 7 बजे के आसपास हुए इस प्रदर्शन ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। ढोल, पोस्टर और नारों के बीच ममता डोगरा ने मेयर पर सीधे सवाल दागे कि, शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है और प्रशासन केवल दिखावे की कार्रवाई कर रहा है

ममता डोगरा ने मेयर से सवाल करते हुए कहा कि, “डंपिंग ग्राउंड में महीनों से ढेर लगा कचरा आखिर कब उठेगा? शहर में बदबू बढ़ रही है, लोग बीमार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ कैमरे के सामने एक्शन दिखा रहा है। जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा।”

डोगरा ने कहा कि, ये मुद्दा सिर्फ सफाई का नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा मामला बन चुका है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि, समय पर कूड़ा न उठने के कारण कई सेक्टरों में हालात बद से बदतर हो चुके हैं

मेयर के घर के बाहर जमा भीड़ लगातार “साफ शहर दो” और “कूड़ा हटाओ” के नारे लगाती रही। महिला विंग की सदस्याओं ने कहा कि, जब आम जनता की शिकायतें नहीं सुनी जा रहीं, तो अब नेताओं को घर तक आकर आवाज सुननी पड़ेगी।

डोगरा ने कहा कि, कांग्रेस महिला विंग सफाई व्यवस्था में सुधार तक विरोध जारी रखेगी, चाहे इसके लिए सुबह-सुबह मेयर के घर पहुंचना ही क्यों न पड़े।

इस पूरे हंगामे के बीच अचानक मेयर हरप्रीत कौर बबला के पति दविंदर बबला घर की छत पर दिखाई दिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, “फोटो सेशन हो गया? अब जाओ। बस ड्रामा ही कर रहे हो।”

उनके इस बयान से भीड़ और भड़क गई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को शांत रखा। मेयर का पूरा परिवार भी बाहर निकल आया और आरोप लगाया कि, ये प्रदर्शन जनता के मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक स्टंट है।

दरअसल चंडीगढ़ में पिछले कुछ समय से कूड़ा संग्रह और डंपिंग ग्राउंड की समस्या लगातार सुर्खियों में है। कई सेक्टरों के निवासी शिकायत कर चुके हैं कि, कचरा समय पर नहीं उठाया जा रहा, और अब विपक्ष इसका मुद्दा बनाकर मेयर पर दबाव बना रहा है।

हालांकि प्रशासन का दावा है कि, स्थिति को सुधारने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन विरोध प्रदर्शनों से साफ है कि, जनता इस मुद्दे पर अब और देर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।