कैथल: अनिल विज के नेतृत्व में हुई कष्ट निवारण बैठककैथल: अनिल विज के नेतृत्व में हुई कष्ट निवारण बैठक

कैथल: अनिल विज के नेतृत्व में हुई कष्ट निवारण बैठक

 

कैथल में कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय गरमा गई, जब प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज जनता की शिकायतों को सुनते-सुनते पुलिस विभाग पर सख्त हो उठे।

बैठक के दौरान कई शिकायतकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाए कि, जिले की पुलिस न केवल अपराधियों पर नरमी दिखाती है, बल्कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई को लेकर बेहद सुस्त रवैया अपनाती है।

जैसे ही शिकायतों की संख्या बढ़ने लगी, विज का गुस्सा भी उसी अनुपात में भड़कता गया। ये बैठक करीब चार घंटे चली, और इस बैठक में अनिल विज ने पुलिस अधिकारियों पर तीखा हमला किया

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अनिल विज ने कहा कि, “कैथल पुलिस अपराधियों पर दयालु रहती है, हर अपराधी को छोड़ देती है। यहां की पुलिस निकम्मी हो चुकी है। ये जनता की शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं करती

आपको बता दें कि, इस बैठक में नौ पुरानी और छह नई शिकायतों को शामिल किया गया था। चौंकाने वाली बात ये रही कि, कुल 15 शिकायतों में से छह सीधे पुलिस के खिलाफ थीं।

कई मामलों में लोगों ने आरोप लगाया कि, पुलिस FIR दर्ज नहीं करती, समझौते के नाम पर पीड़ित पक्ष को दबाती है या फिर छोटे-बड़े अपराध में लिप्त लोगों को बिना कार्रवाई के छोड़ देती है।

साथ ही कुछ शिकायतकर्ता तो ऐसे भी थे जो दो-दो साल से चक्कर काट रहे थे, पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। बैठक के बाहर भी शिकायतें लेकर पहुंच रहे लोगों की लाइन खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। इससे ये साफ हो गया कि पुलिस व्यवस्था से जुड़ा असंतोष गहराई तक बढ़ चुका है।

अनिल विज ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि,“अगर कार्रवाई नहीं करनी तो वर्दी उतारकर घर बैठ जाओ। जनता के साथ मजाक नहीं चलेगा। पुलिस को जिम्मेदारी निभानी ही होगी।”

वहीं, इस बैठक में एसपी उपासना यादव ने एक मामले में कहा कि, पुलिस हर कार्रवाई कानून और नियम के अनुसार कर सकती है, इससे आगे नहीं जा सकती। एसपी ने बड़े आत्मविश्वास से कहा कि, कई मामलों में सीधी गिरफ्तारी संभव नहीं होती, बल्कि जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

इस पर मंत्री अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, जनता जानना चाहती है कि, आखिर कार्रवाई में इतनी देर क्यों होती है? साथ ही अनिल विज ने कहा कि,“कानून का हवाला देना ठीक है, लेकिन जनता को न्याय चाहिए। अगर जांच का नाम लेकर देरी होगी तो इसका जवाब आपको देना होगा।”

पूरी बैठक के दौरान विज ने पुलिस अधिकारियों को कई बार फटकार लगाते हुए कहा कि, वे हर शिकायत को गंभीरता से लें। उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि, हर शिकायत पर तय समय सीमा में रिपोर्ट दें, पुरानी शिकायतों को लंबित न रखें, पुलिस थानों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए, पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार हो।

उन्होंने चौंकाने वाला आंकड़ा भी बताया कि, सिर्फ इस बैठक में पुलिस से जुड़े मामलों की संख्या आधे से ज्यादा रही। ये दर्शाता है कि, जनता पुलिस से कितनी असंतुष्ट है।
कष्ट निवारण समिति की बैठक शहरी लोक निर्माण विश्राम गृह में हुई थी।

यहां बाहर घंटेभर तक शिकायतकर्ताओं की भीड़ लगी रही। लोग उम्मीद लिए खड़े थे कि, शायद मंत्री उनकी बात सुनें और कार्रवाई को गति मिले। कुछ लोग रोते-बिलखते अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जबकि कई बुजुर्गों ने बताया कि, महीनों से उनका कोई केस आगे नहीं बढ़ा।

बैठक समाप्त होते-होते अनिल विज ने पुलिस को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि, वे कैथल जिले में पुलिस प्रशासन के कामकाज की मासिक समीक्षा करेंगे। उन्होंने ये भी साफ किया कि,“यदि भविष्य में शिकायतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।

जनता के साथ अन्याय कतई नहीं सहा जाएगा।” उनके इस बयान से साफ था कि, वे अब कैथल पुलिस की ढिलाई को लेकर बिल्कुल समझौता करने के मूड में नहीं हैं।
अनिल विज के सख्त तेवरों के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, कई थाना प्रभारियों को तुरंत लंबित मामलों की रिपोर्ट तैयार करने और पीड़ितों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

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