New revelation in the investigation of Delhi car blast: दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच में हुआ नया खुलासाNew revelation in the investigation of Delhi car blast: दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच में हुआ नया खुलासा

New revelation in the investigation of Delhi car blast: दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच में हुआ नया खुलासा

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए भीषण धमाके ने न केवल राजधानी, बल्कि पूरे उत्तर भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अब इस विस्फोट की जांच में नया खुलासा हुआ है कि यह धमाका वास्तव में उत्तर प्रदेश में करने की योजना थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुजरात एटीएस से मिले इनपुट ने यूपी की खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

यूपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि, राज्य पुलिस को इस तरह के इनपुट पहले से मिल रहे थे। इसी कारण हाल के दिनों में पूरे प्रदेश में निगरानी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए थे। अधिकारी ने नाम न छापे जाने की शर्त पर कहा कि आतंकियों के निशाने पर सबसे पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ थी। इसके अलावा अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे धार्मिक और संवेदनशील शहर भी उनके टारगेट पर थे।

अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल की गतिविधियां उत्तर प्रदेश से जुड़ी थीं। इनमें से एक मॉड्यूल को गुजरात एटीएस ने नाकाम किया था, जबकि दूसरा जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई में ध्वस्त हुआ। सूत्रों का कहना है कि इन मॉड्यूल्स के पकड़े जाने के बाद आतंकियों ने अपनी रणनीति बदल दी और संभवतः योजना को यूपी से हटाकर दिल्ली में अंजाम देने की कोशिश की।

जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में डॉक्टर आदिल की गिरफ्तारी और करीब 2,900 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद इस गिरोह से जुड़े लोग उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहे थे। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि लाल किले के पास हुआ धमाका दरअसल उसी साजिश का हिस्सा था, जो मूल रूप से यूपी में किसी बड़े धार्मिक स्थल पर होने वाली थी।

यूपी पुलिस के उच्चाधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह का मकसद बड़े धार्मिक आयोजनों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाका कर सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। आतंकी संगठन ऐसे युवाओं की तलाश में थे जिन्हें यूपी के अलग-अलग शहरों की भौगोलिक जानकारी हो और जो मोबाइल फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल किए बिना संपर्क कर सकें। इसी क्रम में शामली निवासी आज़ाद सुलेमान शेख और लखीमपुर के मोहम्मद सुहैल का नाम सामने आया। इन दोनों को गुजरात एटीएस ने एक खुफिया ऑपरेशन में हिरासत में ले लिया, जिससे संभवतः बड़ी वारदात टल गई।

अफसरों ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से पिछले महीने ही इनपुट मिला था कि “तब्लीगी जमात” की आड़ में कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी घटना की तैयारी में हैं। इस इनपुट के आधार पर यूपी पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में सतर्कता बढ़ाई थी। डीजीपी मुख्यालय से मौखिक निर्देश जारी किए गए थे कि तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। जिन जिलों में जमात के सदस्य बाहर से आए थे, वहां उन्हें वापस भेजने या उनकी जांच करने के निर्देश दिए गए थे।

यूपी एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि इस पूरे मामले में अब तक छह से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनमें ज्यादातर संदिग्ध पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। कुछ गिरफ्तारियां गुजरात एटीएस के इनपुट पर की गईं, जबकि कुछ जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से हुईं।

फरीदाबाद से गिरफ्तार लखनऊ की डॉक्टर शाहीन अंसारी से भी यूपी एटीएस पूछताछ करने जा रही है। इसके लिए एटीएस की एक टीम जम्मू-कश्मीर रवाना हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि शाहीन से पूछताछ में यूपी से जुड़े कई नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, मंगलवार को एटीएस ने शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज को लखनऊ में उनके घर से हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार शाम 6 बजकर 52 मिनट पर लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में सफेद i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। अब तक केवल दो शवों की पहचान हो पाई है, बाकी की पहचान डीएनए टेस्ट के माध्यम से की जा रही है।

मंगलवार शाम तक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से 42 सबूत जुटा लिए हैं। इनमें कार के टायर, चेसिस, बोनट के हिस्से, सीएनजी सिलेंडर और अन्य धातु के टुकड़े शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि इन सबूतों की वैज्ञानिक जांच बुधवार से शुरू होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी खुलासा हुआ है कि धमाके से पहले आरोपी डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी तीन घंटे तक मेट्रो की पार्किंग में उसी कार के भीतर बैठा रहा था। पार्किंग के सीसीटीवी फुटेज में उसे साफ देखा गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि उमर धमाका करने की तैयारी में था या किसी के आदेश की प्रतीक्षा कर रहा था।