कंगना रनौत का दो दिवसीय लाहौल-स्पीति दौरा
मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत आज से अपने दो दिवसीय लाहौल-स्पीति दौरे पर हैं। यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें वे न केवल विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगी बल्कि राजनीतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेंगी।
केलांग पहुंचने के बाद कंगना ने सबसे पहले जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा कमेटी) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में PM ग्राम सड़क योजना, PM आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और कृषि से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर खास चर्चा हो रही है। सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों से इन योजनाओं की अब तक की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर रिपोर्ट मांगी है।
बैठक में जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय विधायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद हैं। कंगना रनौत ने कहा कि, “जनता तक केंद्र की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचना ही हमारी प्राथमिकता है।

विकास के हर मोर्चे पर पारदर्शिता और गति दोनों जरूरी हैं।” कंगना रनौत ने बैठक में विभागों के बीच बेहतर तालमेल और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, किसी भी योजना का काम समयसीमा में पूरा होना चाहिए। दिशा कमेटी का मुख्य उद्देश्य केंद्र की योजनाओं के उचित कार्यान्वयन की निगरानी करना और जिलों में विकास की रफ्तार को तेज करना है।
सांसद इसकी अध्यक्षता करती हैं और संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट पर प्रत्यक्ष समीक्षा करती हैं। दौरे के दूसरे दिन कंगना रनौत ‘एकता मार्च’ में शामिल होंगी, जिसके माध्यम से वे स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद करेंगी। इस मार्च का उद्देश्य सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को प्रसारित करना है।
जिसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी की जिला बैठक में भी शामिल होंगी, जहां संगठन की गतिविधियों, आने वाले चुनावों की रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, कंगना का ये दौरा मंडी संसदीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता और राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा।
कंगना रनौत ने पहले भी मंडी जिला में दिशा कमेटी की बैठकों में अधिकारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। इस बार भी वे लाहौल-स्पीति में उसी नीति पर अमल कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि, सीमांत जिलों में विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का बेहतर समन्वय जरूरी है ताकि हर घर तक सुविधाएं पहुंच सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि, हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, चाहे वे सड़क, बिजली, पानी या स्वास्थ्य सेवा हो।
हालांकि राजनीतिक दृष्टि से भी कंगना का ये दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में राज्य की राजनीति में बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के बीच उनकी सक्रियता BJP कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कंगना आने वाले समय में मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास रोडमैप पर विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली भेजेंगी। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों के माने तो सांसद बनने के बाद कंगना रनौत अब लगातार अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी कर रही हैं।
वे प्रशासनिक बैठकों में सीधी भागीदारी लेकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझना चाहती हैं। लाहौल-स्पीति जैसे सीमांत जिलों में सर्दी और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण काम की रफ्तार पर असर पड़ता है, इसलिए सांसद का ये दौरा स्थानीय प्रशासन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

