पंजाब CM मान का भ्रष्टाचार पर सख्त कदम
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बरकरार रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने DIG हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है। भुल्लर को हाल ही में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस कदम को अपनी सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि, दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए CM मान ने कहा कि, ये कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि, पंजाब में सरकारी कार्यों में ईमानदारी और नैतिकता सर्वोपरि रहे।
उन्होंने बताया कि, सरकार का मानना है कि, भ्रष्ट गतिविधियों से न केवल जनता का विश्वास कमजोर होता है बल्कि राज्य और देश की प्रगति में भी बाधा आती है। इसी वजह से भ्रष्टाचार से लड़ना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
DIG भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 से निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ये कदम जनता की सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी संस्थाओं में जवाबदेही बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि, चाहे कोई अधिकारी उच्च पद पर हो या उसका राजनीतिक प्रभाव बड़ा हो, अगर उसे भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
CM मान ने आगे कहा कि, उनकी सरकार ने 2022 में सत्ता संभालने के बाद से लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाई है। उन्होंने कहा कि, पंजाब सरकार का ये प्रयास स्पष्ट रूप से ये दर्शाता है कि, राज्य में स्वच्छ और पारदर्शी शासन को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
वहीं भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की इस श्रृंखला ने पहले ही कई अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के दायरे में लाया है। CM मान का कहना है कि, जनता के प्रति जवाबदेही और सेवा का स्तर बढ़ाने के लिए ये कदम बेहद जरूरी था।
उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि, भविष्य में भी भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। DIG भुल्लर के निलंबन के बाद पंजाब पुलिस में अनुशासन और ईमानदारी को लेकर सख्ती और बढ़ जाएगी।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि, वे सभी सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
वहीं सरकार भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
CM मान ने कहा कि, “हमारी सरकार के लिए ये संदेश साफ है कि, किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। चाहे वो किसी भी पद पर हो, अगर किसी अधिकारी ने सार्वजनिक विश्वास को ठेस पहुंचाई है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, सरकार भविष्य में ऐसे मामलों पर और तेजी से कदम उठाएगी ताकि जनता का विश्वास सरकारी संस्थाओं में कायम रहे। भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की दिशा में ये कदम पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
CM मान ने ये भी कहा कि, राज्य में ईमानदारी और नैतिकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर निगरानी और जांच जारी रहेगी।
इस घटना के बाद जनता में ये संदेश गया कि, मुख्यमंत्री की सख्त नीति की वजह से अब किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के लिए भ्रष्टाचार करना आसान नहीं रहेगा। लोगों का कहना है कि, DIG भुल्लर के निलंबन ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ये सख्त रवैया राज्य में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। CM मान ने कहा कि, उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं करेगी।

