चंडीगढ़ पहुंचे AAP संयोजक अरविंद केजरीवालचंडीगढ़ पहुंचे AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल

चंडीगढ़ पहुंचे AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज चंडीगढ़ पहुंचे और टैगोर थिएटर में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की। इस मौके पर दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों के लिए दुनिया का पहला एंटरप्रेन्योरशिप कोर्स लॉन्च किया।

इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को नए स्टार्टअप शुरू करने और व्यवसायिक कौशल सिखाने के लिए तैयार करना है

कोर्स के तहत छात्रों को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों और स्टार्टअप ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसके लिए एक विशेष एप्लिकेशन भी तैयार की गई है, जिसमें क्लाउड किचन जैसी विविध व्यावसायिक गतिविधियों के प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं। इस एप का प्रयोग अब छात्रों के लिए शुरू हो चुका है।

CM मान ने इस मौके पर कहा कि, अब पंजाब स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य इजराय को पीछे छोड़कर स्टार्टअप के क्षेत्र में नंबर वन बनना है। अब तक 15 दिन में ही 25 लाख रुपये का रेवन्यू जेनरेट हो चुका है और 75 हजार लोग इस एप में पंजीकृत हो चुके हैं।

आने वाले तीन-चार वर्षों में हमारी आईटी और कॉलेजों से करीब 40 हजार करोड़ रुपये का रेवन्यू जुटाए जाएंगे।”

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CM मान ने ये भी बताया कि, उनकी सरकार ने अब तक 55 हजार नौकरियां दी हैं। लेकिन नौकरी हर किसी को मिलना संभव नहीं है। इसी चुनौती को देखते हुए पंजाब स्टार्टअप एप को तैयार किया गया है। CM मान ने कहा कि, “लुधियाना, जालंधर या मोहाली में आपको मेकेनिक या अन्य व्यावसायिक सेवाएं नहीं मिल पाती थीं, लेकिन अब इस एप के माध्यम से ये सब संभव होगा।

छात्रों को व्यवसाय की ट्रेनिंग दी जाएगी और वो अपने स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार भी खुद पैदा कर सकेंगे।”

आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने इस मौके पर कहा कि, पूरे साल में लगभग डेढ़ करोड़ छात्र कॉलेज से पढ़ाई पूरी करके निकलते हैं, लेकिन उनमें से केवल 15 लाख को ही औपचारिक नौकरी मिल पाती है। बाकी के छात्र नौकरियों के अभाव में असमाजिक गतिविधियों की ओर चले जाते हैं

सिसोदिया ने कहा कि, यही कारण है कि, उन्होंने नया एंटरप्रेन्योरशिप सिलेबस तैयार किया है। इसे सरल भाषा में ‘बिजनेस क्लास’ का नाम दिया गया है, ताकि छात्र आसानी से व्यवसाय की बारीकियों को समझ सकें और भविष्य में सफल व्यवसायी बन सकें।

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सिसोदिया ने आगे कहा कि, इस सिलेबस से पंजाब की बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। पंजाब में लगभग आठ लाख छात्र हैं, और हर साल लगभग ढाई से तीन लाख छात्र कॉलेज से निकलते हैं। इस नए सिलेबस से उनकी व्यावसायिक शिक्षा मजबूत होगी और वे नौकरी की बजाय अपने खुद के व्यवसाय को बढ़ावा दे सकेंगे।

कार्यक्रम में पंजाब स्टार्टअप एप का प्रयोग कर रहे छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। कई छात्रों ने बताया कि वे अपने ब्रांड और छोटे व्यवसाय पहले ही तैयार कर चुके हैं और एप की मदद से उन्हें अब नई दिशा मिली है। इस दौरान कॉलेजों के प्रबंधकों और शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि, ये पहल छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।

पंजाब के शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस मौके पर कहा कि, पिछले तीन साल में पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में भारी सुधार हुआ है। आज पंजाब स्कूल शिक्षा में नंबर एक राज्य बन चुका है। केंद्र सरकार के सर्वेक्षण में ये बात स्पष्ट हुई है कि, सरकारी स्कूलों में अब कोई भी छात्र जमीन पर नहीं बैठता।

प्रिंसिपल और टीचर्स विदेशी प्रशिक्षण ले रहे हैं और सरकारी स्कूलों में बस सेवाओं की सुविधा शुरू हो चुकी है।

बैंस ने बताया कि, पहले पंजाब के कॉलेज और यूनिवर्सिटी लगभग बंद होने की कगार पर थे। ब्रेन ड्रेन और स्कॉलरशिप राशि का समय पर न मिलना बड़ी समस्या थी। लेकिन 2022 के बाद सभी स्कॉलरशिप राशि जारी कर दी गई है। टेक्निकल एजुकेशन में आईटीआई की खाली सीटें भर दी गई हैं और पुराने कोर्स को खत्म कर नए और व्यावसायिक कोर्स शुरू किए गए हैं।

साथ ही उन्होंने कहा, “आज पंजाब अपने बच्चों के भविष्य को तय कर रहा है। बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन हम इसे कम करने के लिए पहले राज्य हैं। हमारे बच्चों को 9वीं कक्षा से ही एंटरप्रेन्योरशिप की ट्रेनिंग दी जाएगी और 11वीं-12वीं में बिजनेस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे भविष्य में पंजाब के युवा स्वावलंबी बनेंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।”