हिमाचल प्रदेश बिलासपुर बस हादसा
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरठीं क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा बस हादसा हुआ, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई। जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी।
दरअसल बरठीं के पास भलू में अचानक पहाड़ से भूस्खलन हुआ और मलबा एक बस पर गिर पड़ा, जिससे बस की छत टूटकर खाई में जा गिरी और बस पूरी तरह मलबे में दब गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो बच्चे और घायल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार हादसे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार सुबह 6:40 बजे NDRF की टीम ने मलबे में एक बच्चे का शव बरामद किया। वहीं दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बिलासपुर के एसपी संदीप धवल ने बताया कि मृतकों में 10 पुरुष, 4 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। जिसके अलावा एक लड़का और एक लड़की घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सभी मृतकों का पोस्टमॉर्टम के लिए बरठी अस्पताल में भेजा गया, जिसके बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
मंगलवार सुबह से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी थी। शाम करीब 6:25 बजे बरठी के पास भलू में अचानक मलबा बस पर गिर पड़ा। हादसे में बस की छत टूट गई और खाई में जा गिरी, जिससे बस के भीतर बैठे यात्री मलबे में फंस गए। बस मरोतन से घुमारवीं जा रही थी।
स्थानीय लोगों की त्वरित सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचे। रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा और रात करीब 2:30 बजे तक 15 लोगों के शव बरामद किए गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुए हादसे में जन-हानि से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताईं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
PM ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की।
वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी X पर बयान जारी करते हुए कहा कि, बिलासपुर ज़िले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के बालूघाट (भल्लू पुल) के पास हुए भीषण हादसे में देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा। उन्होंने कहा कि, प्रशासन और NDRF टीम लगातार ऑपरेशन कर रही है।

स्थानीय लोग और पुलिस घटनास्थल पर राहत कार्य में जुटे रहे। ग्रामीणों ने मलबे के बीच फंसे बच्चों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। NDRF और पुलिस टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन किया और सुबह तक मृतकों और घायलों को बरामद किया।
ये हादसा सिर्फ बिलासपुर ही नहीं, पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए एक दुखद संदेश है कि, बारिश और भूस्खलन के दौरान सड़क यात्रा कितनी खतरनाक हो सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया से कई लोगों की जान बचाई गई, लेकिन अभी भी ये हादसा लोगों के लिए चेतावनी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित अनुग्रह राशि से मृतकों के परिजन आर्थिक रूप से थोड़ी राहत पा सकेंगे, लेकिन इस दुखद घटना का भावनात्मक असर सभी पर गहरा है।
Himachal Pradesh Bilaspur bus accident

