हरियाणा ADGP वाई पूरन कुमार की मौत का मामला
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली। उनके शव का पोस्टमॉर्टम बुधवार को सेक्टर-16 अस्पताल में किया गया। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता में शॉक की लहर पैदा कर दी है।
दरअसल पूरे मामले में ध्यान देने वाली सबसे बड़ी बात ये है कि, वाई पूरन कुमार की मौत के पीछे करप्शन और मानसिक दबाव को संभावित कारण माना जा रहा है। उनके गनमैन सुशील कुमार पर रोहतक में रिश्वत लेने का केस दर्ज हुआ था।
शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने शिकायत की थी कि, गनमैन ढाई लाख रुपए मासिक की रिश्वत मांग रहा था। जांच के दौरान सुशील ने अपने बयान में वाई पूरन कुमार का नाम भी लिया था।
फिलहाल इस मामले में एक और नया मोड आ गया है। हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में गनमैन सुशील कुमार पर केस दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता का वीडियो सामने आया है।
वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि, सुशील कुमार रिश्वत देने का दबाव बना रहा था। वो ऑफिस में आकर धमकाता था। मुझे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर किया। परेशान होकर हमने शिकायत दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, सीनियर IPS को कुछ दिन पहले रोहतक रेंज से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर सुनारिया में भेज दिया गया था। जहां विभाग में इसे ‘पनिशमेंट पोस्ट’ के रूप में देखा गया। अधिकारियों का मानना है कि, इस कदम के चलते और गनमैन मामले में नाम आने के बाद मानसिक तनाव और दबाव वाई पूरन कुमार के सुसाइड की वजह बन सकता है।
चंडीगढ़ पुलिस ने पुष्टि की है कि, सुसाइड नोट और वसीयत उनके शव के पास मिली। सुसाइड नोट लगभग 8 पेज का है, जिसमें उन्होंने 30 से 35 IPS अफसरों और कुछ IAS अफसरों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने नोट के अंदर लिखी विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की है।
पूरन कुमार का निवास चंडिगढ़ के सेक्टर-11 में था। उनके रसोइए प्रेम सिंह ने बताया कि, मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे पूरन कुमार बेसमेंट में गए और किसी को अंदर न आने देने को कहा। उनके साथ उनका कुत्ता भी नहीं गया। बेटी अमूल्या कुछ सामान लेने बाजार गई थी। पत्नी अमनीत पी कुमार जापान में CM नायब सैनी के दौरे पर थीं।
सुबह 11 बजे उन्होंने फिर से बेसमेंट जाने की सूचना दी और दोपहर का खाना तैयार करने के लिए कहा। पत्नी ने कई बार फोन किए, लेकिन पूरन कुमार ने कॉल रिसीव नहीं किया। दोपहर पौने 1 बजे अमूल्या जब बाजार से लौटी और बेसमेंट में गई तो अपने पिता को सोफे पर बैठा पाया। उनकी कनपटी से खून बह रहा था। तुरंत मामा अमित रतन को सूचित किया गया।

चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर फोरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी पहुंचे। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। घटनास्थल से पिस्टल जब्त की गई। बता दें कि, सुसाइड से पहले पूरन कुमार ने अपनी पूरी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी थी।
साथ ही सुसाइड नोट में डीजीपी रैंक के एक अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने लिखा कि, नोटिस भेजकर उन्हें बेवजह परेशान किया गया। इसके अलावा जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, एसीआर में गड़बड़ी, सरकारी आवास न मिलने और प्रशासनिक शिकायतों और मुकदमेबाजी के चलते वे मानसिक रूप से अत्यधिक दबाव में थे।
सुसाइड नोट की तारीख 7 अक्टूबर और वसीयत 6 अक्टूबर की है। इससे ये स्पष्ट होता है कि, पूरन कुमार ने अपनी मौत के पहले अपनी संपत्ति और दावे की व्यवस्था पहले ही कर ली थी।
IAS अफसर पत्नी अमनीत पी कुमार फिलहाल जापान से लौट आई हैं.. उनकी फ्लाइट दोपहर साढ़े 12 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई.. जिसके बाद वहां से चंडीगढ़ पहुंची…
पूरन कुमार की मौत ने प्रशासन में भी चिंता बढ़ा दी है। ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों की मानसिक स्थिति और उनके ऊपर बढ़ते दबाव पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही करप्शन और रिश्वत मामलों में जिम्मेदारी तय करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, करप्शन के कारण मानसिक तनाव और लगातार प्रशासनिक दबाव किसी भी अधिकारी के लिए असहनीय हो सकता है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

