हिमाचल प्रदेश: ऊना SDM पर रेप-ब्लैकमेल के गंभीर आरोपहिमाचल प्रदेश: ऊना SDM पर रेप-ब्लैकमेल के गंभीर आरोप

हिमाचल प्रदेश: ऊना SDM पर रेप-ब्लैकमेल के गंभीर आरोप

 

 

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के युवा SDM विश्व मोहन देव चौहान पर रेप और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता ने बताया कि, SDM ने अपने ऑफिस में जबरन शारीरिक संबंध बनाए और बाद में रेस्ट हाउस में भी शादी का झांसा देकर उसे ब्लैकमेल किया। अब छह दिन से वे फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है

पीड़िता के मुताबिक, इस पूरी घटना की शुरुआत सोशल मीडिया पर हुई बातचीत से हुई। SDM ने उसे बार-बार अपने ऑफिस बुलाया। 10 अगस्त को जब वे ऑफिस पहुंची, तो अधिकारी उसे अपने पर्सनल केबिन में ले गए। पीड़िता ने बताया कि, वहां उन्होंने उसके कंधों पर हाथ रखा, बाजू से पकड़ा और अपने सीने से लगाया। इसके बाद उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाए

इसके बाद, 20 अगस्त को SDM ने उसे रेस्ट हाउस ऊना बुलाया। पीड़िता ने बताया कि, उन्हें वॉट्सऐप मैसेज किया गया कि, वहां अपने नाम को बदलकर “स्नेहा” लिखवाएं और खुद को “असिस्टेंट प्रोफेसर, सोलन” बताएं। उस दिन SDM रात करीब 10 बजे वहां पहुंचे।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि, रेस्ट हाउस में भी उन्हें जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया और पहले की घटना की वीडियो दिखाई गई। पीड़िता ने कहा कि, अधिकारी ने इस वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल भी किया।

साथ ही पीड़िता ने पुलिस को बताया कि, जब उन्होंने दोबारा शादी की मांग की, तो SDM ने कहा कि, उनकी पहले ही सगाई हो चुकी है और वे ऊना का शासक हैं। उन्होंने धमकी दी कि, अगर विरोध किया तो जान से भी मार सकते हैं। पीड़िता ने कई बार आग्रह किया कि, वीडियो डिलीट किया जाए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और ब्लैकमेल जारी रखा।

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पीड़िता ने आगे बताया कि, 27 अगस्त को उन्होंने SDM के घर जाकर विरोध किया, तो अधिकारी ने उन्हें धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। घर के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया, जिसे बाद में SDM का दादा बताया गया। पीड़िता ने उन्हें पूरी घटना बताई।

पीड़िता ने 28 अगस्त को राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन जब SDM को 8 सितंबर को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने बार-बार फोन करके शिकायत वापस लेने का दबाव डाला। 17 सितंबर को SDM ने पीड़िता का ऑडी कार से पीछा भी किया। पीड़िता डर के मारे तेज़ी से अपने घर भागी।

आखिरकार, 23 सितंबर को पीड़िता ने SP ऊना, DIG नॉर्दर्न रेंज धर्मशाला और DGP हिमाचल प्रदेश को शिकायत भेजी। उसी दिन ऊना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 351(2) के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल भी कराया। ASP ऊना सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि, SDM की तलाश जारी है।

महिला आयोग ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया। आयोग की चेयरमैन विद्या देवी ने SP ऊना को निर्देश दिए कि इस मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच की जाए।

SDM विश्व मोहन देव चौहान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी, लेकिन जस्टिस राकेश कैंथला ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस ने साफ किया कि, रेप मामले में गिरफ्तारी से पहले कोई जमानत नहीं दी जाएगी। अब इस मामले में अगला फैसला 3 अक्टूबर को सुनाया जाएगा।

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पुलिस ने बताया कि, SDM पर केवल रेप के आरोप नहीं हैं, बल्कि जान से मारने की धमकी देने, पद का दुरुपयोग करने और पीड़िता का पीछा करने के भी आरोप हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और SDM की तलाश जारी है।

ये मामला न केवल ऊना बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि, ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई होना बेहद जरूरी है ताकि पीड़िता को न्याय मिले और अधिकारी पद का गलत इस्तेमाल न कर सकें।

ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि, इस तरह के आरोपों में त्वरित और पारदर्शी जांच महत्वपूर्ण होती है। महिला आयोग और पुलिस की भूमिका इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में इस तरह के घटनाओं पर नजर रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मामले में सक्रिय हैं और पीड़िता को हर संभव मदद देने की बात कह रहे हैं।

इस मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है और पुलिस ने पूरे राज्य में SDM की तलाश तेज कर दी है। 3 अक्टूबर को अगला सुनवाई दिन तय किया गया है, जिसे लेकर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।