PK की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मची बिहार की राजनीति में हलचल
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना स्थित पार्टी के कैम्प कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एनडीए के चार बड़े नेताओं “डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री अशोक चौधरी और भाजपा सांसद संजय जायसवाल” पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने तथ्यों, आंकड़ों और साक्ष्यों के आधार पर सवाल उठाए और दावा किया कि बिहार की मौजूदा सत्ताधारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
PK ने लगाए मंगल पांडेय पर गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने सबसे पहले बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडेय को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगल पांडेय की पत्नी उर्मिला पांडेय के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट नंबर 1499000141819 में 2019 और 2020 में कुल 2 करोड़ 12 लाख रुपये जमा हुए। किशोर के मुताबिक, यह रकम कहां से आई, इसका कोई प्रामाणिक स्रोत या प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है।
मंगल पांडेय के द्वारा यह दावा किया गया था कि उन्होंने दिल्ली में फ्लैट खरीदने के लिए अपने पिता से 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन पीके ने पूछा कि ऐसे में उनकी पत्नी के खाते में इतनी मोटी रकम कैसे पहुंच गई?
प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि यदि मंगल पांडेय इसका स्पष्ट उत्तर नहीं देते, तो वह खुद यह सार्वजनिक करेंगे कि यह राशि किस-किस अकाउंट से ट्रांसफर की गई। इससे साफ है कि पीके के पास इस वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात, बैंक स्टेटमेंट या संपूर्ण जानकारी पहले से मौजूद है। उन्होंने मंत्री से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
PK ने उठाए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की डिग्री पर सवाल
दूसरा बड़ा हमला प्रशांत किशोर ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर बोला। उन्होंने सम्राट चौधरी को “नाम बदलने का विशेषज्ञ” बताया और आरोप लगाया कि 1998 में उन पर कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की बम से हत्या का आरोप था। उन्हें उस वक्त नाबालिग बताकर सिर्फ 6 महीने में जेल से मुक्त करवा लिया गया।
किशोर ने यह आरोप भी लगाया कि सम्राट चौधरी ने बिना विधानसभा या विधानपरिषद सदस्य बने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री पद हासिल किया था और उनकी कम उम्र पर भी विवाद हुआ। सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, सम्राट चौधरी ने मैट्रिक की परीक्षा “सम्राट कुमार मौर्य” के नाम से दी थी और उसमें वे असफल रहे थे, उन्हें 234 नंबर आए थे।
इसके अलावा, 2010 में अपने हलफनामे में सम्राट चौधरी ने खुद को केवल सातवीं पास बताया था। किशोर ने सवाल किया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने मैट्रिक कब पास की, क्योंकि उन पर शैक्षिक डिग्री फर्जीवाड़े का भी आरोप है।
PK ने किया JDU के मंत्री अशोक चौधरी की संपत्ति का खुलासा !
प्रशांत किशोर ने जेडीयू के अहम नेता अशोक चौधरी और उनकी संपत्ति को लेकर भी बड़ी बातें कहीं। पीके ने आरोप लगाया कि अशोक चौधरी के पर्सनल सेक्रेटरी योगेन्द्र दत्त के नाम पर 2019 में 23 कट्ठा जमीन खरीदी गई। दो साल बाद यह जमीन अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी के नाम 34 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन शांभवी को अकाउंट से सिर्फ 10 लाख ही दिए गए।
आयकर विभाग के नोटिस आने पर 27 अप्रैल 2025 को अशोक चौधरी ने अपने सेक्रेटरी को 25 लाख रुपये और ट्रांसफर किए।
पीके ने और भी खुलासा किया कि शांभवी की सगाई के बाद ‘मानव वैभव विकास ट्रस्ट’ के माध्यम से 200 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई। सगाई से शादी के बीच मात्र दो वर्षों में 38.44 करोड़ रुपये की पांच जमीनों की खरीद हुई, जिनका भुगतान चेक से किया गया। इन सब जमीनों की मालिकाना हक अशोक चौधरी या ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम हैं। किशोर ने सवाल किया कि अशोक चौधरी स्पष्ट करें कि उनका इस ट्रस्ट के साथ क्या संबंध है।
PK ने बताया सांसद संजय जायसवाल और पेट्रोल पम्प घोटाला !
प्रशांत किशोर ने भाजपा सांसद संजय जायसवाल पर उनके पेट्रोल पंप के माध्यम से सरकारी पैसे की लूट का आरोप लगाया। किशोर ने कहा कि पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर के छावनी इलाके में जायसवाल के परिवार का पेट्रोल पंप है। यहां फ्लाइओवर बनाने का प्रस्ताव कई वर्षों तक सिर्फ इसलिए रोका गया, क्योंकि इससे पेट्रोल पंप की बिक्री पर असर पड़ता।
बाद में प्रेशर के कारण पेट्रोल पंप पर सार्वजनिक बोर्ड भी लगाया गया कि फ्लाइओवर राज्य सरकार की वजह से रुका है।
बेतिया नगर की महापौर गरिमा देवी सिमरिया ने 14 अगस्त 2024 को नगर आयुक्त को पत्र लिखते हुए बताया था कि स्थायी समिति की 5 बैठकों में छावनी स्थित उक्त पेट्रोल पंप को बहुत अधिक बिलिंग और भ्रष्टाचार के चलते बदलने का निर्णय लिया गया था। नगर निगम सफाई गाड़ियों को 5 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ, जिसमें अनेक भुगतान फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर किए गए।
प्रशांत किशोर की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस निश्चित रूप से बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनेगी। उन्होंने सबूतों, आँकड़ों और तथ्यों के आधार पर राज्य की सत्ता में शामिल चार प्रमुख नेताओं पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और प्रमाण मांगे।
पीके ने चेतावनी दी कि अगर इन आरोपों पर स्पष्टीकरण नहीं मिला तो वो और भी बड़े सबूत सार्वजनिक करेंगे। उनका दावा बिहार के जनमानस और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इन नेताओं का क्या रुख रहेगा, क्या वे जवाब देंगे, या मामला राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा, इसका सबको इंतज़ार रहेगा।

