हिमाचल में बारिश का कहर जारीहिमाचल में बारिश का कहर जारी

हिमाचल में बारिश का कहर जारी

 

 

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचाई है। मंडी, धर्मपुर और शिमला में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। मंडी के ब्रगटा गांव में मकान गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि धर्मपुर में बस स्टैंड से 10 बसें और कई गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। वहीं शिमला में लैंडस्लाइड से 20 से ज्यादा गाड़ियां मलबे के नीचे दब गईं

दरअसल मंडी जिले के निहरी उपमंडल के ब्रगटा गांव में सोमवार देर रात भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ। पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में एक मकान पूरी तरह ढह गया।

इस मकान में एक ही परिवार के 5 लोग रह रहे थे। हादसे में सास, बहू और पोते की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी दो लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। गांव के लोगों के अनुसार, घटना इतनी तेज थी कि, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सुबह होते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया

स्थानीय लोगों का कहना है कि, पिछले दो दिनों से बारिश लगातार हो रही थी। इस बीच अचानक पहाड़ी से आए मलबे ने पूरे घर को पलभर में समेट दिया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रभावित परिवार को प्रशासन की ओर से राहत राशि देने की घोषणा की गई है।

मंडी के धर्मपुर कस्बे में भी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। यहां सोन खड्ड (नाले) में अचानक आई बाढ़ से बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया। सरकारी परिवहन विभाग की खड़ी 10 से ज्यादा बसें और निजी गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं।

SHO धर्मपुर विनोद ने बताया कि, एक ट्रेवलर गाड़ी का ड्राइवर और एक मेडिकल स्टोर संचालक अभी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही है।

धर्मपुर के लोगों ने बताया कि, सोमवार रात करीब 2 बजे पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि, बस स्टैंड में खड़ी गाड़ियां बहने लगीं। कई घरों की पहली मंजिल तक पानी भर गया। हालांकि मंगलवार सुबह पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हुआ, लेकिन पूरे कस्बे में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं।

वहीं शिमला भी बारिश और भूस्खलन से अछूती नहीं रही। हिमलैंड, बीसीएस और पांजली इलाके में पहाड़ दरकने से करीब 20 गाड़ियां मलबे में दब गईं। कई गाड़ियों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
सबसे बड़ी समस्या ये रही कि, हिमलैंड क्षेत्र में भूस्खलन से शिमला का सर्कुलर रोड बंद हो गया। ये सड़क शिमला की लाइफलाइन मानी जाती है और इसके बंद होने से शहर के भीतर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे और कुछ मार्गों पर पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।

हिमाचल सरकार और जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। पहाड़ी इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों को नदियों और नालों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत देने की घोषणा की है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार को 6 जिलों — बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर — के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे तक कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

हालांकि मौसम विभाग ने ये भी संकेत दिया है कि, कल से बारिश में थोड़ी कमी आ सकती है और अगले तीन दिन तक मौसम सामान्य होने की संभावना है। लेकिन फिलहाल मानसून के जाने के कोई पक्के संकेत नहीं मिले हैं।

गौरतलब है कि, पिछले तीन वर्षों से हर मानसून में हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। कभी भूस्खलन, कभी बादल फटने और कभी नालों में बाढ़ ने यहां के लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है।

By admin

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