UP-MAHOBA: उत्तरप्रदेश के महोबा से वोटों की बड़ी धांधली आई सामने
वोट एक ऐसा अधिकार जो चुनावों में जनता को अपना पसंदीदा उम्मीदवार चुनने में मदद करता है… जो उनके लिए वास्तविक रूप से जमीनी स्तर पर कार्य करने में सक्षम हो लेकिन अगर मैं कहूं कि, आप अपने एक वोट से उस उम्मीदवार को जीताने में सक्षम नहीं होंगे चाहे वो उम्मीदवार कितना ही योग्य क्यों ना हो और चाहे उसे जनता कितना ही प्यार क्यों ना करती हो।
और हो सकता है ऐसा हुआ भी हो चुनावी समय में बनी हुई लहर चुनाव परिणाम आते ही फेल। अगर ऐसा हुआ है तो समझ जाइए वोटों के साथ छेड़खानी हुई है। लेकिन अब चिंता मत कीजिए अब सरकार ने एक ऐसी प्रक्रिया को अपना लिया है जो फर्जी वोटर्स का पता लगाकर आपके वोट की अहमियत को बरकरार रखेंगे।
और उस प्रक्रिया से आप सभी वाकिफ भी होंगे और वो है SIR प्रक्रिया जो एक ही व्यक्ति के दो या इससे अधिक वोट या दो अलग अलग मतदाता सूची में नाम को ठीक करने के लिए अपनाई जा रही है, बल्कि इसके साथ साथ वोट प्रक्रिया में अगर कोई बाहर का व्यक्ति हस्तक्षेप कर रहा है तो उस चीज को भी कम करने का काम एस आई आर कर रहा है।
बिहार के बाद चुनाव आयोग ने अब पूरे देश में एसआई आर करवाने का अभियान चलाया हुआ है। लेकिन अब जब वोटर्स की जांच की जा रही है जो अजब गजब तरीके की धांधली सामने आ रही है एक ऐसी ही धांधली उत्तरप्रदेश से सामने आई है हालांकि उत्तर प्रदेश से चुनाव में धांधली की खबरें सामने आना आम सी बात है…
लेकिन ये धांधली बहुत अलग है ये धांधली उत्तरप्रदेश के महोबा सामने आई है… यहां पंचायत चुनाव से पहले ऐसी धांधली देखने को मिली जिसे जानकर खुद चुनाव आयोग के अधिकारियों के भी होश फाख्ता हो गए. यहां एक घर में 4271 मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन पाया गया है, जो कि अपने आप में ही एक अचंभा है.
हैरानी की बात ये भी है कि इस गांव में कुल वोटरों की संख्या 16000 है. 4271 वोटर वाले फर्जीवाड़े का खुलासा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से कराए जा रहे सर्वे में हुआ है.
मामला महोबा में जैतपुर गांव का है. एआई ने इस गांव में एक ऐसे वोटर समूह को चिन्हित किया है, जिसमें कुल 4271 वोटर हैं. इन सभी वोटर्स का पता एक तीन कमरों का मकान बताया गया है.
आयोग के अधिकारियों ने इसकी सच्चाई पता लगाने के लिए BLO को मौके पर भेजा. जब मकान मालिक को इसकी जानकारी दी गई तो वह खुद हैरान रह गए. बताया कि उन्हें खुद नहीं पता कि इतने सारे वोट उनके पते पर कैसे बन गए और ये किन लोगों के वोट हैं.
बड़ी बात यह है कि ये सभी वोट प्रधानी के चुनाव में जिस भी प्रत्याशी को पड़ जाएं तो उसकी जीत सुनिश्चित है. यही नहीं, गांव में इन्हीं वोटों की बदौलत दो ग्राम पंचायत सदस्य एवं ब्लाक पंचायत सदस्य का भी चुनाव हो सकता है. हालांकि, अब घर के वास्तविक वोटों को चिन्हित करने के बाद निर्वाचन आयोग ने बाकी वोटों को फर्जी करार देते हुए उन्हें रद्द करने की कवायद शुरू कर दी है. इससे पहले महोबा में ही एक पनवाड़ी के पते पर 243 वोटों को चिन्हित किया गया था.
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया है. यह कार्यक्रम 20 सितंबर तक चलेगा. इस कार्यक्रम के तहत आयोग एआई के जरिए बोगस वोटों की पहचान शुरू की है. एआई द्वारा चिन्हित किए गए बोगस वोटों की संबंधित एरिए के बीएलओ द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है.
इसी क्रम में महोबा के जैतपुर गांव में मकान नंबर 803 में 4271 मतदाताओं के नाम चिन्हित किए गए हैं. महोबा एडीएम कुंवर पंकज के मुताबिक वोटर लिस्ट में मौजूद त्रुटियों में सुधार कराया जा रहा है.

