हरियाणा के जिलों में बाढ़ जैसे हालात!हरियाणा के जिलों में बाढ़ जैसे हालात!

हरियाणा के जिलों में बाढ़ जैसे हालात!

 

हरियाणा में बारिश ने तबाही मचा रखी है वहीं, बुधवार रात सिरसा के गांव चाहरवाला, शाहपुरिया और फतेहाबाद जिले के जांडवाला बागड़ के बीच में हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन में फिर कटाव शुरू हो गया।

ड्रेन में करीब 50 फीट चौड़ी दरार आ गई, जिससे 300 एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न हो गई। दरार को बांधने के लिए ग्रामीण पहुंचे थे, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी अंधेरे के वजह से कामयाबी नहीं मिल पाई।

वहीं गुरुवार सुबह को ग्रामीणों ने मिट्टी और रेत से भरे कट्टे लेकर दरार को बंद करने में जुट गए इस काम में स्थानीय डेरों के सेवादार भी शामिल हो गए हैं। फिलहाल दरार को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सका है।

प्रदेश में इस बार सामान्य से 45% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। जिसका असर ये देखा गया कि, लगभग 5 हजार 754 गांवों में बाढ़ और जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। प्रशासन के मुताबिक, करीब 3 लाख किसान इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। अब तक 18 लाख 66 हजार एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

धान, कपास और गन्ने की खड़ी फसल पूरी तरह पानी में समा गई। किसानों का कहना है कि, उनकी साल भर की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई। कई जगह खेतों में 3-4 फीट तक पानी खड़ा है, जिससे फसल बचने की कोई उम्मीद नहीं बची।

वहीं सरकार ने किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल किया है, जहां किसान बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का दावा दर्ज कर सकते हैं। लेकिन किसानों की मांग है कि, नुकसान का सर्वे जल्दी कराया जाए और राहत राशि सीधे उनके खातों में डाली जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मानसून कमजोर पड़ता दिख रहा है। चार दिनों तक हल्की बूंदाबांदी को छोड़ दें, तो तेज बारिश की संभावना नहीं है। वहीं, हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 2021 के बाद इस बार सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि 2021 में जुलाई-अगस्त में कम और सितंबर में ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि इस बार तीनों महीनों में लगातार बारिश देखने को मिली।

बाढ़ और जलभराव से परेशान किसान अब सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। साथ ही किसानों का कहना है कि, “हमारी धान और कपास की पूरी फसल पानी में बह गई। घर में खाने को भी संकट खड़ा हो गया है। सरकार मुआवजा दे तभी परिवार का गुजारा हो पाएगा।”

वहीं मौसम विज्ञान के मुताबिक़ आज हरियाणा के 5 जिलों – पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में मौसम साफ रहेगा।

गौरतलब है कि हरियाणा में इस साल मानसून ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 45% अधिक बारिश ने जहां जल संकट से राहत दी है, वहीं लाखों किसानों के लिए ये आफत बन गई है। घग्गर ड्रेन में दरार ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अब ये देखना है कि, सरकार और प्रशासन किस तेजी से राहत पहुंचाते हैं और किसानों के नुकसान की कितनी भरपाई कर पाते हैं।

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