हिसार जिले के पेटवाड़ गांव में हुई JJP की जनसभा
हिसार जिले के पेटवाड़ गांव में आयोजित जनसभा में जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कांग्रेस और इनेलो दोनों पर कड़ा हमला बोला। कार्यक्रम में सभा के बाद, मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय चौटाला ने अपने चाचा और इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के हालिया बयानों का पलटवार करते हुए कहा कि, राजनीति में केवल दिखावा करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता है।
दिग्विजय चौटाला ने इनेलो नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि, कुछ लोग विदेश में रहकर केवल 25 सितंबर को चौधरी देवीलाल की जयंती मनाने आते हैं। “वे कुछ दिन गांव-देहात में दिखाई देते हैं, मीडिया में बयानबाजी करते हैं और फिर विदेश लौट जाते हैं। ये जनता की सेवा नहीं बल्कि दिखावा है। जनता सब समझती है कि, कौन उनके बीच रहकर काम कर रहा है और कौन सिर्फ रस्म निभा रहा है।”
दरअसल, नारनौंद में एक सभा के दौरान अभय सिंह चौटाला ने कहा था कि, 25 सितंबर को देवीलाल जयंती पर आकर अपने पाप धो लेते हैं। इस पर पलटवार करते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि, “उनके बोलने के अंदाज़ में हमेशा अहंकार झलकता है।
वे निमंत्रण देने की बजाय ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं…. जैसे किसी इंसान को नहीं, बल्कि जानवर को बुला रहे हों। राजनीति में प्यार, सम्मान और अपनापन ज़रूरी है, लेकिन उनकी भाषा हमेशा टूट पड़ने वाली होती है।”
साथ ही उन्होंने कहा कि, अभय सिंह चौटाला अक्सर दावा करते हैं कि, अगर उनके पास 35 विधायक होते तो वे बड़े-बड़े काम कर दिखाते। दिग्विजय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि, “हकीकत ये है कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें 32 विधायक दिए थे, लेकिन आज उनकी पार्टी घटकर सिर्फ दो विधायकों पर सिमट गई है।
पहले एक बचे थे और इस बार ऐसे उम्मीदवार से हारकर लौटे हैं, जो अपनी विधानसभा की शपथ तक ठीक से नहीं पढ़ पाता।”
जनसभा के मंच से कांग्रेस पार्टी को भी कठघरे में खड़ा करते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि, हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक होने के बावजूद पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह असफल रही है। “हम तो शून्य विधायक होने के बावजूद कांग्रेस से ज्यादा मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं।
कांग्रेस के नेताओं को जनता की चिंता नहीं है। वे एसी कमरों में बैठकर वक्त गुजार रहे हैं, जबकि महंगाई और अपराध से लोग पीड़ित हैं।”
उन्होंने सवाल किया कि, जब प्रदेश में छह लाख बीपीएल कार्ड रद्द कर दिए गए, सरसों तेल का दाम 40 रुपये से बढ़कर 100 रुपए पहुंच गया और गरीबों का हक छीना गया, तब कांग्रेस सड़कों पर क्यों नहीं उतरी? “भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता गहरी नींद में सो रहे हैं। जनता की आवाज़ उठाना विपक्ष का काम होता है, लेकिन कांग्रेस केवल सत्ता की राजनीति में उलझी हुई है।”
दिगविजय चौटाला ने दावा किया कि, आज पूरे हरियाणा में अगर कोई जनता की वास्तविक लड़ाई लड़ सकता है, तो वे उपमुख्यमंत्री रह चुके दुष्यंत चौटाला हैं। उन्होंने कहा कि, दुष्यंत चौटाला ने हमेशा जनता के मुद्दों पर आवाज उठाई है… और सरकार में रहते हुए भी युवाओं और किसानों के हित में काम किया है।
हाल ही में विधायक जस्सी पेटवाड़ को धमकी मिलने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि, लोकतंत्र में किसी को धमकी देना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। “चाहे जनप्रतिनिधि हो या आम आदमी, हर किसी को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। हालत ये है कि जो लोग पहले दूसरों को धमकाते थे, वे आज खुद धमकियों का शिकार हो रहे हैं।”
सभा के दौरान दिग्विजय चौटाला ने ये भी ऐलान किया कि आगामी 25 सितंबर को JJP प्रदेशभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी।
“ये सिर्फ देवीलाल जयंती की रस्म अदायगी नहीं होगी, बल्कि जनता के मुद्दों और अधिकारों की दिशा तय करने वाला आंदोलन होगा। हम किसानों, मजदूरों और युवाओं की आवाज बुलंद करेंगे।”
ये जनसभा सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं थी, बल्कि इससे JJP ने साफ कर दिया कि, वो आने वाले चुनावों में इनेलो को सीधी चुनौती देने के मूड में है। जनसभा के दौरान ग्रामीणों ने दिग्विजय चौटाला का गर्मजोशी से स्वागत किया और परिवार की फोटो भेंट की।
ये दृश्य स्पष्ट कर रहा था कि चौटाला परिवार की राजनीति में अभी भी ग्रामीण इलाकों का झुकाव बरकरार है। हालांकि, JJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना और युवाओं को संगठन से जोड़ना है।
दिग्विजय चौटाला के इन बयानों से साफ है कि हरियाणा की सियासत एक बार फिर गरमा रही है। इनेलो और JJP दोनों ही दल चौधरी देवीलाल की विरासत का दावा करते रहे हैं। लेकिन अब सवाल ये है कि जनता किस पर भरोसा करती है।
फिलहाल, दिग्विजय चौटाला ने ये संदेश देने की कोशिश की है कि, JJP न केवल विपक्ष की भूमिका निभा रही है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में एक सशक्त विकल्प बनने के लिए भी तैयार है।

