सुल्तानपुर: संजय निषाद पर बोले ओपी राजभरसुल्तानपुर: संजय निषाद पर बोले ओपी राजभर

सुल्तानपुर: संजय निषाद पर बोले ओपी राजभर

सुल्तानपुर में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर सियासी हलचल को लेकर बयानबाजी करते हुए, स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का हालिया बयान केवल मीडिया और टीवी चैनलों के लिए था, वास्तविकता में ऐसा कोई संकट नहीं है।

दरअसल, हाल ही में गोरखपुर में डॉ. संजय निषाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि, अगर भाजपा को उनके दल से कोई राजनीतिक लाभ नहीं दिखता तो वे गठबंधन तोड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा अपने स्थानीय नेताओं के जरिए सहयोगी दलों पर हमला कराती है, जिससे रिश्तों में खटास आ रही है। डॉ. निषाद का यह बयान सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई थी, लेकिन राजभर ने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।

राजभर ने कहा, “संजय निषाद का बयान सिर्फ टीवी पर सुर्खियां बटोरने के लिए था। वे सरकार के साथ हैं और गठबंधन में कोई समस्या नहीं है। एनडीए पूरी तरह से एकजुट है। चुनाव के समय इस तरह के बयान अक्सर आते रहते हैं, लेकिन इससे सच्चाई नहीं बदलती।”

गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राजभर का यह बयान एक तरह से डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए में शामिल सभी दल मिलकर 2024 के चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं और एक मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

ओपी राजभर ने बिहार की विपक्षी राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, आज जो पार्टियां एक मंच पर दिखाई दे रही हैं, वह पहले एक-दूसरे की कट्टर विरोधी थीं। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव कभी कांग्रेस को भाजपा की बी-टीम कहते थे, अब उन्हीं के साथ मंच साझा कर रहे हैं। लालू यादव ने भी कांग्रेस को चारा घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था,

लेकिन आज वह भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। यह सिद्धांत की राजनीति नहीं, सिर्फ सत्ता की राजनीति है।”

राजभर ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन में कोई विचारधारा नहीं है और केवल भाजपा को रोकने के लिए यह मजबूरी में बना गठबंधन है। उन्होंने कहा कि, जनता इन चालों को समझ चुकी है और 2024 में फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई हालिया विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने उसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “राजनीति का स्तर इस कदर गिर गया है कि अब नेता निजी टिप्पणियों तक पहुंच गए हैं। मैं ऐसी बातों की कड़ी आलोचना करता हूं। ये वही लोग हैं जो पहले ईवीएम को दोष देते थे, अब वोट चोरी की बातें कर रहे हैं।”

उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि, जब सरदार पटेल के 13 वोट चोरी हुए और सिर्फ 1 वोट पाने वाले नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया गया, तब कोई नहीं बोला। आज जब चुनाव हारते हैं तो ईवीएम को कोसते हैं, लेकिन जब जीतते हैं तो ईवीएम पर भरोसा होता है।

हाल ही में संभल में हुई हिंसा पर भी राजभर ने सपा, बसपा और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “जब-जब इन दलों की सरकारें रही हैं, तब-तब राज्य में दंगे, कर्फ्यू और हिंसा की घटनाएं हुई हैं। मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि वहां हिंदुओं की संख्या में कमी की वजह इन्हीं पार्टियों की तुष्टिकरण की नीति रही है।”

उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार के साढ़े आठ साल के कार्यकाल में प्रदेश में कहीं कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। “अगर किसी ने सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की भी है, तो उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गई है,” राजभर ने कहा।

ओपी राजभर सुल्तानपुर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। शुक्रवार रात वे अचानक लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे और जिले की कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने अफसरों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए। राजभर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गरीबों, दलितों और पिछड़ों तक सभी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के पहुंचे।

राजनीतिक बयानबाजी और समीक्षा बैठकों के इस मिश्रित दौरे के दौरान राजभर पूरी तरह सक्रिय नजर आए और स्पष्ट कर दिया कि वे एनडीए के भीतर किसी भी भ्रम को समाप्त करने के लिए मैदान में डटे हुए हैं।

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