CM योगी ने किया ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’ का शुभारंभCM योगी ने किया ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’ का शुभारंभ

CM योगी ने किया ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’ का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में एक बड़ा एलान करते हुए दो अहम पोर्टल – “श्रम न्याय सेतु पोर्टल” और “अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल” का शुभारंभ किया। इन पोर्टल्स के ज़रिए राज्य में रोजगार की पारदर्शी व्यवस्था, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा और निवेश की रीयल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार और नौकरी की गारंटी मिले, इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मिशन रोजगार” के विजन को ज़मीन पर उतारने के लिए यूपी ने निर्णायक कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को यह सौभाग्य प्राप्त है कि भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी यहां रहती है। उन्होंने कहा, “युवा अपार ऊर्जा का स्रोत है। उसे उसकी योग्यता और कौशल के अनुरूप कार्य मिलना चाहिए। जब भी युवाओं को अवसर मिला है, उन्होंने उस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का लोहा मनवाया है।”

उद्योगों और युवाओं के बीच एक सेतु बनाने की दिशा में यह रोजगार महाकुंभ अहम पहल बना। योगी ने कहा कि एक तरफ वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं, और दूसरी तरफ वे युवा हैं जो स्किल डेवेलपमेंट कर रोजगार पाने को तैयार हैं। यही कड़ी उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले राज्य के रूप में स्थापित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत जो भी युवा ऋण लेता है, उसका ब्याज सरकार चुकाएगी। साथ ही 10% तक की मार्जिन मनी भी सरकार देगी। अब तक 70 हजार से अधिक युवा इस योजना से जुड़कर काम कर रहे हैं।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में की गई भर्तियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में 2.19 लाख, शिक्षा विभाग में 1.56 लाख और अन्य विभागों में मिलाकर कुल साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति ने निवेशकों के मन में विश्वास पैदा किया है। उन्होंने कहा, “हमने अपनी नीतियों में परिवर्तन कर 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशकों के लिए ‘इन्वेस्ट यूपी’ पोर्टल पर सभी जानकारियां उपलब्ध हैं।”

निवेशकों की मदद के लिए ‘निवेश मित्र’ और ‘निवेश सारथी’ जैसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। इसके तहत निवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 70 वर्षों में जितना उद्योगों को प्रोत्साहन नहीं मिला, उतना पिछले 8 वर्षों में दिया गया है। इस दौरान प्रदेश में 15 लाख करोड़ का निवेश आया और 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज की मांग को देखते हुए एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आधुनिक लैब्स की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दुनिया की मांग के अनुरूप वर्कफोर्स तैयार कर रहा है, और यूपी के नौजवानों की मांग वैश्विक स्तर पर हो रही है।

श्रम न्याय सेतु पोर्टल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने साफ किया कि नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देगा और किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करेगा। अगर किसी नियोक्ता को सरकार की ओर से इंसेंटिव मिलना है, तो उसे श्रमिकों के हितों की रक्षा करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम एवं सेवायोजन विभाग इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों की पारदर्शी भागीदारी सुनिश्चित हो।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। सरकार द्वारा पोर्टल्स, योजनाओं और निवेश बढ़ाने के प्रयासों से यह संभव हुआ है कि राज्य के युवाओं को अब अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

इस रोजगार महाकुंभ के ज़रिए राज्य सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश न केवल रोजगार सृजन में अग्रणी बन रहा है, बल्कि युवाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए भी प्रतिबद्ध है।