हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने जैसी आपदाओं से हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत अब मैदान में उतर आई हैं। सोशल मीडिया पर आलोचनाओं और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद कंगना अपने संसदीय क्षेत्र के आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकलीं। मंडी के थुनाग में उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस मौके पर उन्होंने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कंगना ने तीखे लहजे में कहा “जिनका काम है, वे मुंह छुपाकर और पैसा खाकर बैठे हैं। वो लोग चाहते हैं कि कंगना आपके घर जाती, या मुख्यमंत्री बनकर यहां रह जाती, तो अच्छा होता। यहां तक कि अगर मैं PWD का भी काम कर जाती, तो भी सबको अच्छा लगता।”कंगना यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब हिमाचल में आपदा आई थी, तब भी केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन उनका कोई हिसाब नहीं मिला। उन्होंने दोहराया कि “इस बार भी वो केंद्र से राहत के लिए पैसा लाने में मदद करेंगी और उसका पूरा हिसाब भी लिया जाएगा।”
सांसद कंगना ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
कंगना ने साफ किया कि एक सांसद के पास सीमित अधिकार होते हैं।”उसके पास न कैबिनेट है, न बजट, न अफसर। सिर्फ दो अधिकारी हैं, जो उसके साथ चलते हैं। उसके पास डिजास्टर फंड भी नहीं है। उसका काम है केंद्र से फंड लाना और वो वही कर रही हैं। प्रधानमंत्री की टीम से भी इस बारे में बात की है, जो विदेश दौरे पर हैं।”रविवार को कंगना, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ सराज विधानसभा क्षेत्र में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि सराज, करसोग और नाचन जैसे इलाकों में बहुत भारी नुकसान हुआ है। खासकर सराज में बादल फटने से कई गांवों में सड़कें टूट गईं, पानी भर गया और संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया था।”अब धीरे-धीरे सड़कें बहाल हो रही हैं और प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है।”कंगना ने विपक्षी दलों के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा –”2-3 दिन पहले भी हम किन्नौर और लाहौल-स्पीति में थे। पीएम मोदी ने वहां 150 से 200 करोड़ के प्रोजेक्ट दिए हैं। हम तब भी जनता के बीच थे। यह कहना कि हम नदारद हैं, विपक्ष का झूठ है।”
ट्रोलिंग के बाद खुद पहुंची आपदा प्रभावित इलाकों में
दरअसल, बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कंगना को यह कहकर ट्रोल किया जा रहा था कि वे मंडी जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्र की सांसद होते हुए भी ग्राउंड पर नहीं दिख रहीं। लोग पूछ रहे थे कि जब पहाड़ों में लोग जान गंवा रहे हैं, तो उनकी सांसद कहां हैं?अब जब कंगना खुद आपदा प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और सरकार पर हमला बोला, तो इसे उनके विरोधियों को करारा जवाब माना जा रहा है।मंडी संसदीय क्षेत्र में अब तक बारिश और भूस्खलन के चलते 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दर्जनों घर तबाह हो चुके हैं और सड़कें व पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे हालात में कंगना का ग्राउंड पर पहुंचना राजनीतिक और सामाजिक दोनों लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।कंगना के इस दौरे को सिर्फ आपदा राहत तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया की आलोचना और विपक्षी दलों की टिप्पणियों का जवाब देने के साथ-साथ कंगना आने वाले चुनावों के लिए भी ज़मीन तैयार कर रही हैं। जनता से सीधे संवाद और कांग्रेस सरकार पर हमले से साफ है कि उनका लक्ष्य भविष्य की सियासी पारी को और मज़बूत बनाना है।
