राजस्थान कांग्रेस

राजस्थान कांग्रेस की एकजुटता, दौसा में बड़ा संदेश

राजस्थान के दौसा जिले में इस बार एक बेहद खास और भव्य आयोजन होने जा रहा है — मौका है स्वर्गीय राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि का।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता के नेता माने जाने वाले राजेश पायलट की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा इस बार सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम बन गई है।

11 जून की सुबह दौसा के भंडाना गांव के पास स्थित राजेश पायलट स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा।
हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु, कार्यकर्ता और पायलट समर्थक इस मौके पर एकत्र होंगे, लेकिन 2025 की पुण्यतिथि इसलिए खास है क्योंकि यह 25वीं वर्षगांठ है — यानी एक चौथाई सदी बीत चुकी है उस हादसे को, जिसमें देश ने एक जननेता को खो दिया था।

इस वर्ष पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं, जो इसे कांग्रेस के भीतर एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी बना रहा है।

आयोजन को सफल बनाने के लिए खुद सचिन पायलट ने मोर्चा संभाल लिया है। वे रविवार और सोमवार को खुद स्थल पर पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया।

उन्होंने स्मारक स्थल की हर एक व्यवस्था को बारीकी से देखा — मंच, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया।

इस दौरान उनके साथ दौसा के सांसद मुरारीलाल मीणा, विधायक दीनदयाल बैरवा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओड़, और पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में राज्यभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता, स्थानीय ग्रामीण, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होने जा रहे हैं।

श्रद्धांजलि सभा सुबह 9 बजे शुरू होगी और इसके बाद विभिन्न वक्ताओं द्वारा राजेश पायलट को याद किया जाएगा।

राजनीतिक तौर पर भी इस कार्यक्रम की अहमियत इसलिए बढ़ गई है क्योंकि इसे कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता और जनसंपर्क के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

राजेश पायलट का निधन साल 2000 में एक सड़क हादसे में हुआ था।

वह न सिर्फ दौसा के लोकप्रिय सांसद थे, बल्कि केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री, संचार मंत्री और कई अन्य अहम पदों पर रह चुके थे।

उनकी पहचान एक जमीनी नेता, साफ-सुथरी राजनीति और सरल भाषा बोलने वाले जननायक के रूप में थी।

उनका ‘राम राम सा’ कहने का अंदाज़ आज भी दौसा के गांव-गांव में लोगों को याद है।

आज जब उनकी पुण्यतिथि को लेकर इतना भव्य आयोजन हो रहा है, तो इसके पीछे केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि राजनीतिक भविष्य के संकेत भी छिपे हैं।

दौसा कांग्रेस के लिए एक अहम केंद्र रहा है, और अब सचिन पायलट खुद इसे फिर से मजबूत करने के प्रयास में दिखाई दे रहे हैं।

स्मारक स्थल पर विशाल टेंट लगाए जा रहे हैं, मंच सजाया जा रहा है और सुरक्षा के भी कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से जहां पायलट परिवार अपने राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव को दोबारा मज़बूत करने की कोशिश में है, वहीं कार्यकर्ताओं के लिए यह एकजुटता का प्रतीक बनता जा रहा है।
कांग्रेस के कई बड़े नेता इस मौके पर शिरकत करेंगे, जिससे यह आयोजन राजस्थान की राजनीति में एक सॉफ्ट पॉवर शो जैसा बन गया है।

राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि अब दौसा की मिट्टी में सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, एक नया राजनीतिक संदेश भी छोड़ने जा रही है।
अब देखना यह है कि क्या यह आयोजन कांग्रेस को नई ऊर्जा देगा, या फिर यह सिर्फ एक भावनात्मक स्मृति बनकर रह जाएगा।

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