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हरियाणा की राजनीति एक बार फिर चौटाला परिवार की आपसी खींचतान के कारण सुर्खियों में है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के बीच राजनीतिक विरासत को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। इस बार टकराव का कारण बना है—पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला की फोटो का राजनीतिक पोस्टरों में इस्तेमाल।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

दरअसल, जजपा ने अपने हालिया पार्टी पोस्टरों पर स्वर्गीय ओम प्रकाश चौटाला की तस्वीर लगाई है। इस पर इनेलो ने सख्त आपत्ति जताई है। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने इस कदम पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि, “जजपा का चौ. ओम प्रकाश चौटाला से कोई लेना-देना नहीं है। अगर उन्होंने पोस्टर पर उनकी फोटो लगाई, तो इसका जवाब ज़रूर दिया जाएगा।”

अजय चौटाला का पलटवार

जजपा सुप्रीमो डॉ. अजय सिंह चौटाला ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, जेजेपी के पोस्टर पर स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की तस्वीर लगेगी…हम सबने चौधरी ओमप्रकाश चौटाला जी से राजनीति सीखी है। स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला हम सभी के आदर्श हैं। जेजेपी के पोस्टर पर चौटाला साहब की तस्वीर लगेगी।”

दुष्यंत चौटाला ने भी दिया समर्थन

इस विवाद में जजपा नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी कूद पड़े। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला के आदेशों के अनुसार, जेजेपी के सभी पोस्टरों पर स्वर्गीय ओपी चौटाला साहब की तस्वीर लगाई जाएगी। हम सभी ने उनसे राजनीति सीखी है और पार्टी का हर सदस्य उनका सम्मान करता है।” 

दुष्यंत ने यह भी बताया कि जल्द ही पार्टी का संगठनात्मक पुनर्गठन पूरा कर लिया जाएगा और जून महीने में सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा।

इनेलो और जजपा वारिस की लड़ाई

चौधरी ओम प्रकाश चौटाला की विरासत को लेकर दोनों ही पार्टियां खुद को उनका असली उत्तराधिकारी साबित करने में जुटी हैं। इनेलो का कहना है कि जजपा ने कभी चौटाला साहब को सम्मान नहीं दिया और अब चुनावी फायदे के लिए उनकी छवि का इस्तेमाल कर रही है। वहीं जजपा यह दावा कर रही है कि वे भी उसी विरासत का हिस्सा हैं और चौटाला साहब का फोटो लगाना उनका अधिकार है।

हरियाणा की सियासत में गरमाहट

चौधरी ओम प्रकाश चौटाला की छवि हरियाणा की राजनीति में मजबूत और सम्मानित रही है। ऐसे में उनका नाम और फोटो अब चुनावी मुद्दा बन गया है। दोनों दलों के बीच यह संघर्ष सिर्फ एक फोटो या पोस्टर का नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान और भावनात्मक जुड़ाव का है। हरियाणा में चौटाला परिवार की आपसी लड़ाई अब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। इनेलो और जजपा दोनों एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रहे हैं। इस विवाद ने राज्य की सियासत में गर्मी ला दी है, और आने वाले समय में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।

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