हरियाणा पुलिस

प्रदेश पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट (AHTU) केवल हरियाणा प्रदेश ही नही बल्कि अन्य राज्यों के भी खोए हुए बच्चों को ढूंढते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। हरियाणा पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप अब लोगों खासतौर पर गुमशुदा बच्चों और उनके परिजनों को उम्मीद की किरण दिखी है कि उनके बिछड़े उन्हें जल्द मिल जाएंगे।

इसका हाल ही में एक ताजा उदाहरण देखने को मिला जब AHTU, पंचकूला यूनिट ने पिछले 15 साल से महाराष्ट्र के वर्धा जिले से गुमशुदा 22 वर्षीय युवती नेहा को उसके परिजनों से मिलवाने में सफलता हासिल की। यह युवती 7 वर्ष की आयु में अपने परिजनों से महाराष्ट्र के वर्धा जिला से बिछड़ गई थी। यह लड़की पिछले 15 साल से लापता थी और वर्तमान में सोनीपत के राई स्थित बालग्राम में रह रही है। युवती को प्रदेश पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की पंचकूला टीम ने कड़ी मेहनत और संवेदनशीलता के चलते तलाश किया गया है। इस उपलब्धि के लिए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने AHTU की टीम को अपनी शुभकामनाएं दी और भविष्य में भी ऐसे ही कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश पुलिस की AHTU (एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट) पंचकूला में तैनात एएसआई राजेश कुमार, एक गुमशुदा लड़की को परिवार से मिलवाने के लिए सोनीपत जिला के सरकारी आश्रम ‘बालग्राम‘ में गए थे। इसी दौरान आश्रम में रहने वाली एक 22 वर्षीय युवती ने उनसे निवेदन करते हुए कहा कि ‘सर, मैं यहां पिछले 13 वर्ष से रह रही हूं और मुझे नहीं पता कि मेरे मां बाप कहां हैं, मुझे उनकी बहुत याद आती है, इस दुनिया में मेरा कोई नही है, आप प्लीज, मेरे माता पिता को भी ढूंढ दीजिए‘। यह कहते हुए युवती की आंखों से एकाएक आंसू छलक गए जिस पर राजेश कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके परिवार को ढूंढने का हर संभव प्रयास करेंगे। इसके बाद AHTU यूनिट, पंचकूला की टीम द्वारा गुमशुदा लड़की की काउंसिलिंग की गई जहां उससे अलग अलग तरह के सवाल पूछे गए ताकि उसके परिवार संबंधी कोई भी सुराग मिल सके। काउंसिलिंग में युवती ने बताया कि उसके घर में दो गलियां लगती थी और उनकी भाषा भी अलग थी। इसके अलावा उसने बताया कि वहां के बुजुर्ग लोग अलग तरीके की टोपी पहनते थे।

जानकारी के मुताबिक नेहा इस आश्रम में पानीपत से साल 2012 में आई थी और उस समय उसकी आयु क़रीब 9 वर्ष की थी। वहीं अब नेहा बालग्राम राई जिला सोनीपत में पिछले 13 साल से रह रही है। नेहा हरियाणा के पानीपत में 2010 में गुम हुई थी और प्रदेश पुलिस ने इसी का आधार बनाकर गुमशुदा लड़की के परिवार की तलाश के लिए प्रयास शुरू किए। प्रदेश पुलिस के प्रयासों से गुमशुदा लड़की नेहा का महाराष्ट्र के वर्धा जिले में गुमशुदगी का केस दर्ज मिला जो 15.03.2010 में दर्ज किया गया था। इसके बाद, युवती के परिजनों से संपर्क किया गया।

हरियाणा पुलिस

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पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा लड़की नेहा के भाई अनिकेत से संपर्क किया गया और परिवारजनों को वीडियो कॉल के जरिए पहचान करवाई गई। वीडियो कॉल पर परिवार के लोगों ने अपनी बेटी को पहचाना और उसे लेने जिला सोनीपत पहुंचे। सभी नियमित कार्यवाही करने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, सोनीपत की देखरेख में युवती को उसके परिजनों से मिलवाया गया। इस कार्य की प्रशंसा करते हुए ADGP ममता सिंह ने संदेश दिया है कि सभी अपने बच्चों का आधार कार्ड ज़रूर बनवाएं और उसे अपडेट रखें। अगर कोई लापता बच्चा या नकली आधार कार्ड की जानकारी मिलती है तो पुलिस को तुरंत सूचना दें।

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By Abhishek Saini

वर्तमान में मैं 4Iconic Media Group में पिछले तीन वर्षों से न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों के अनुभव के साथ संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और कंटेंट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सुदर्शन न्यूज से की, जिसके बाद A2Z न्यूज चैनल, जनता टीवी, MH1 न्यूज सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। समाचार संपादन, कंटेंट प्लानिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट में व्यापक अनुभव हासिल किया है। लेखन मेरा जुनून है और निष्पक्ष, प्रभावशाली तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा हूं। मीडिया जगत में अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच के बल पर लगातार नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा हूं।

2 thoughts on “हरियाणा पुलिस ने 15 साल से गुमशुदा बेटी को उसके परिवार से मिलाया, महाराष्ट्र के वर्धा से किया रेस्कयू”
  1. […] इसके साथ ही ये भी जानकारी सामने आई है कि, अगस्त 2013 में पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा के कार्यकाल के दोरान भी ऐसा ही एक लेटर केंद्र सरकार को लिखा गया था, और ये दावा हरियाणा सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों का कल्याण, और अंत्योदय विभाग ने किया है. हालांकि उस लेटर का क्या हुआ, उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। अब सरकार के नए लेटर का केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है और उसकी जांच शुरू करने को कहा गया है। […]

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