नमस्कार सूर्योदय में आपका तहे दिल से स्वागत है…इस प्रोग्राम के जरिए हम समाजिक बुराईयों से आपको रूबरू करवाते हैं और उनका समाधान खोजने की कोशिश करते हैं…साथ ही लोगों से भी राय लेते हैं और और उस सामाजिक समस्या की जड़ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं…इसी कड़ी में हम आज लेकर आए हैं…देश में बढ़ते तलाक के मुद्दों को…क्योंकि हमारा मानना है कि ये भी एक समाजिक समस्या ही है…जो दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है…और इसकी प्रमुख वजह की तलाश करेंगे…सबसे पहले हम अगर आंकड़ों की हम बात करें तो देश में साल दर साल तलाक के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं…ये एक बड़ी समस्या बन गई है…इतना ही नहीं लाखों तलाक के केस अभी भी अदालतों में पेंडिंग हैं…यूनाइटेड नेशंस की तरफ से जारी रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं….इसके मुताबिक भारत में तलाक के मामले पिछले कुछ सालों में लगभग दोगुने हो चुके हैं….
साल 2005 में जहां ये दर 0.6 प्रतिशत थी….वो 2019 में बढ़कर 1.1 प्रतिशत तक पहुंच गई…इसके अलावा नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे के मुताबिक पिछले 5 सालों में तलाक के मामलों में 35 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है…आंकड़े बताते हैं कि फैमिली कोर्ट्स में दायर मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है….आंकड़े के मुताबिक 2021 में देश भर की फैमिली कोर्ट में तलाक के जो मामले करीब पांच लाख थे…. वे 2023 में बढ़कर आठ लाख से ज्यादा हो गए…आंकड़ों के अनुसार फैमिली कोर्ट में जितने मामले निपटाए जाते हैं, उतने ही नए दर्ज हो जाते हैं…2023 के आखिरी तक इन फैमिली कोर्ट्स में करीब साढ़े 11 लाख मामले पेंडिंग थे…23 में ही देशभर के फैमिली कोर्ट्स ने 8.26 लाख मामलों का निपटारा किया…यानी, हर दिन औसतन 2,265 मामले निपटाए गए थे…इस हिसाब से देखा जाए तो तलाक या पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़े औसतन 94 मामलों को निपटाया गया… इससे पहले 2022 में 7.44 लाख मामलों को निपटाया गया था…
एक आंकड़ा ये भी हैरान करता है कि शहरों की तुलना में गांवों में तलाकशुदा लोगों की संख्या ज्यादा है….
शहरों में 5.04 लाख तलाकशुदा थे तो गांवों में 8.58 लाख से ज्यादा. इतना ही नहीं, गांवों में लगभग 24 लाख लोग ऐसे थे जो पति या पत्नी से अलग रह रहे थे…साल 2021 से 2022 के बीच हुई एक स्टडी में बताया गया कि 25 से 34 साल की उम्र वाले लोगों ने सबसे ज्यादा तलाक लिए. इसके बाद 18 से 24 साल के लोगों ने तलाक के लिए सबसे ज्यादा अर्जी डाली, वहीं इसके बाद 35 से 44 और फिर 45 से 54 साल की उम्र वाले लोग हैं. लिस्ट में 55 से लेकर 64 साल और इससे ज्यादा की उम्र के लोग भी शामिल थे. भारत में सबसे ज्यादा तलाक के मामले महाराष्ट्र में होते हैं. यहां तलाक की दर 18.7 प्रतिशत है, जो देश में सबसे ज्यादा है. तलाक की दर के मामले में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां तलाक की दर 11.7 प्रतिशत है. तलाक के मामले में तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है, जहां तलाक की दर 8.2 प्रतिशत है.

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