5 people from UP also died in the Delhi car blast: दिल्ली कार ब्लास्ट में यूपी के पांच लोगों की भी हुई मौत
दिल्ली में सोमवार को जो लाल किले के पास कार में ब्लास्ट हुआ… उसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जिनमें से पांच मृतक उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और दो शवों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है… ये धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास का इलाका दहल उठा। कार के परखच्चे उड़ गए और वहां मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे ने यूपी के कई जिलों में मातम फैला दिया है… अमरोहा, मेरठ, श्रावस्ती, शामली और गाजियाबाद में शोक की लहर है।
मरने वालों में अमरोहा के अशोक सिंह और लोकेश अग्रवाल, मेरठ के मोहसिन, श्रावस्ती के दिनेश कुमार और शामली के नौमान शामिल हैं। तीन घायलों में देवरिया के शिवा जायसवाल, आगरा के पप्पू और गाजियाबाद के मोहम्मद दाऊद हैं। तीनों को दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कार के मलबे और विस्फोटक के नमूने जब्त किए हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल कार में दिल्ली के डॉक्टर उमर नबी सवार था, जो पहले से संदिग्ध माना जा रहा था। हालांकि, मरने वाले सभी निर्दोष नागरिक थे, जो हादसे के वक्त मौके पर मौजूद थे।
अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के मंगरोला गांव में मातम पसरा हुआ है। 38 वर्षीय अशोक सिंह दिल्ली परिवहन निगम में पिछले नौ साल से संविदा कर्मी के रूप में काम कर रहे थे। वह तीन साल से दिल्ली के जगतपुर में किराए के मकान में रहते थे। दिवाली की छुट्टियों में कुछ दिन पहले ही घर आए थे और परिवार से मिलकर लौटे थे।
उनके परिवार में पत्नी सोनम, तीन साल का बेटा आरंभ और दो बेटियां आरोही (8) और काव्या (5) हैं। अशोक के साथ ही उनके दोस्त 45 वर्षीय लोकेश अग्रवाल की भी मौत हो गई। लोकेश दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती अपनी समधन को देखने आए थे। शाम को उन्होंने अशोक को फोन कर मिलने बुलाया। दोनों लाल किले के पास कार में बैठे ही थे कि तेज धमाका हुआ और दोनों के शव बुरी तरह झुलस गए।
आज सुबह जब अशोक और लोकेश के शव गांव पहुंचे, तो परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाएं बेसुध होकर रोने लगीं। अशोक के परिवार ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मुआवजे के साथ पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की। सूचना पर एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार के लिए राजी किया।
श्रावस्ती जिले के गणेशपुर गांव के दिनेश कुमार दिल्ली की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। वह पिछले 10–12 साल से वहीं रह रहे थे। उनकी पत्नी रीना देवी और तीन बच्चे — हिमांशु (8), बिट्टा (7) और सृष्टि (4) अब बेसहारा हो गए हैं।
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के न्यू इस्लामनगर गली नंबर-28 निवासी मोहसिन (32) दो साल से दिल्ली में रहकर ई-रिक्शा चलाते थे। वह जामा मस्जिद के पास पत्ता मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। हादसे के वक्त वह वहां सवारी छोड़ने गए थे। विस्फोट में वह बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शामली जिले के झिंझाना कस्बे के नौमान (22) अपने भाई अमन के साथ दुकान का सामान खरीदने दिल्ली गए थे। दोनों ने लाल किले के पास कार पार्क की और सड़क पार कर रहे थे, तभी धमाका हुआ। नौमान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमन गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी संवेदनशील स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाएं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मारे गए यूपी के नागरिकों के परिजनों की हरसंभव मदद की जाएगी।

