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हरियाणा की राजनीति में बीते कुछ दिनों से राव इंद्रजीत सिंह के डिनर को लेकर जबरदस्त चर्चा है। डिनर के बाद उठे राजनीतिक तूफान को शांत करने के लिए अब बीजेपी में डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया है। दअरसल राव इंद्रजीत के डिनर में शामिल 6 विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि डिनर का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था और वे पार्टी के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हैं।

किन-किन विधायकों ने दी सफाई?

• मुकेश शर्मा (गुरुग्राम)
• तेजपाल तंवर (सोहना)
• डॉ. कृष्ण (बावल)
• ओमप्रकाश यादव (नारनौल)
• सुनील सांगवान (चरखी दादरी)
• उमेद पातुवास (बाढड़ा)

विधायकों ने कहा ‘हम पार्टी के वफादार हैं’

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इनमें से दो विधायकों को खुद सीएम हाउस से बुलाया गया था, जबकि चार विधायक स्वेच्छा से सफाई देने पहुंचे। कुछ विधायक अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों की फाइलें भी लेकर आए थे, लेकिन उन्हें फिलहाल लंबित रखने का संकेत दिया गया है । बता दें कि 18 जून को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने चंडीगढ़ में अपनी बेटी आरती राव के घर डिनर रखा था, जिसमें दक्षिण हरियाणा के 11 भाजपा और 1 कांग्रेस विधायक शामिल हुए। बस, यहीं से राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। सवाल उठने लगे हैं कि
सिर्फ दक्षिण हरियाणा के विधायकों को क्यों बुलाया गया?
1. राव इंद्रजीत सामान्यतः चंडीगढ़ कम आते हैं, तो अब क्यों बुलाया?

2. यह डिनर उस रैली के बाद हुआ, जिसमें राव और सीएम सैनी के बीच तीखी बातें हुई थीं।

नाराज़ हैं राव इंद्रजीत सिंह ?

बता दें कि ये सारा विवाद रेवाड़ी में हुई सीएम सैनी की रैली से हुआ। रेवाड़ी की धन्यवाद रैली में राव इंद्रजीत ने कहा था “सीएम साहब, हमने आपकी सरकार बनवाई है, अब हमारे काम भी कराइए।” जवाब में सीएम सैनी ने मंच से कहा — “यह सरकार सिर्फ एक जाति की नहीं, पूरे हरियाणा की है।” यहीं से दोनों के बीच तनाव की खबरें सामने आईं। CM हाउस में पहुंचे विधायकों को संकेत मिला है कि सिर्फ चंडीगढ़ में सफाई देने से काम नहीं चलेगा, अब उन्हें दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी जवाब देना होगा।
ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के सामने इन विधायकों को अपनी बात रखनी होगी। राव इंद्रजीत की यह “डिनर डिप्लोमेसी” अब हरियाणा की राजनीति में एक सियासी संदेश के तौर पर देखी जा रही है। पार्टी के कुछ नेता इसे नई ध्रुवीकरण की शुरुआत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आंतरिक शक्ति प्रदर्शन बता रहे हैं।बता दें कि राव इंद्रजीत सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री भी हैं। वे लंबे समय से दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा को लेकर नाराज़ बताए जाते हैं।

ताकत दिखाने की कोशिश ?

उनके इस डिनर को राजनीतिक “ताकत दिखाने” के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह महज़ सामाजिक भोज नहीं था, बल्कि एक सधा हुआ सियासी संकेत था कि दक्षिण हरियाणा के नेता एकजुट हैं — और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा के अंदर अब इस बात पर नजर है कि:
• क्या राव इंद्रजीत कोई नया राजनीतिक मोर्चा खोलेंगे?
• क्या पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा है?
• या यह सिर्फ डिनर था और कुछ नहीं?
आने वाले दिनों में दिल्ली दरबार में जो फैसला होगा, वह हरियाणा की भाजपा राजनीति की दिशा तय करेगा।