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देहरादून

उत्तराखंड की महिलाओं को स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। पुष्कर सिंह धामी सरकार उत्तराखंड रोडवेज की साधारण बसों में महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा देने का ऐलान कर सकती है। रोडवेज प्रबंधन ने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है।

उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 900 बसें रोजाना सड़कों पर दौड़ती हैं। इनमें औसतन सवा लाख यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। दैनिक यात्रियों में करीब 50 हजार छात्राएं और महिलाएं होती हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की मांग कर रही है। परिषद ने इसे लेकर हाल में सीएम से मुलाकात की थी। इसके चलते शासन की ओर से सुझाव मांगने पर रोडवेज प्रबंधन ने बुधवार को प्रस्ताव सौंप दिया।

वित्तीय स्थिति सुधरने की उम्मीद
रोडवेज का मानना है कि इस कदम से न केवल महिला सशक्तीकरण को मजबूती मिलेगी, बल्कि घाटे से जूझ रहे रोडवेज की वित्तीय स्थिति भी सुधरेगी। उधर, यूपी की बसों में जल्द ही महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देने की तैयारी है। इससे आय के मामले में उत्तराखंड को यूपी रोडवेज से चुनौती मिलती।

इन राज्यों में भी मुफ्त सफर की सुविधा
कर्नाटक में महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए शक्ति योजना, तेलंगाना में स्त्री शक्ति योजना, केरल में प्रियदर्शनी और आंध्र प्रदेश में स्त्री शक्ति योजना चलाई जा रही है। इसके अलावा पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर व दिल्ली में भी महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्रता दिवस से 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मुफ्त बस सफर की सुविधा देने जा रही है।

रोडवेज की ‘आमदनी अठन्नी- खर्चा रुपया’
वर्तमान में उत्तराखंड रोडवेज भारी वित्तीय संकट से गुजर रहा है। रोडवेज पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारियां हैं। रोडवेज की दैनिक आय लगभग 1.5 करोड़ रुपये है, जबकि दैनिक खर्च 2.20 करोड़ रुपये से भी अधिक है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है।

उत्तराखंड रोडवेज के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार को महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने का सुझाव दिया था। स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा के लिए सुझाव मांगे जाने पर हमने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यह व्यवस्था लागू होने से रोडवेज को लाभ ही होगा, क्योंकि ज्यादातर महिलाएं अकेले सफर नहीं करतीं, उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा करते हैं, जिससे हमारी बसों में यात्री संख्या बढ़ेगी।