प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी से बवालप्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी से बवाल

प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी से बवाल

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी को जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया है। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रहने वाले शत्रुघ्न सिंह नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए संत को जान से मारने की धमकी दी। मामला सामने आने के बाद सतना और आसपास के जिलों में विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है।

धमकी के विरोध में ब्रज क्षेत्र, रीवा और सतना में संतों और श्रद्धालुओं ने सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी बाबा ने धमकी देने वाले युवक के खिलाफ कड़ा बयान देते हुए कहा, “कोई भी व्यक्ति प्रेमानंद महाराज की ओर आंख उठा कर भी देखेगा, तो संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। ये ब्रजभूमि है, यहां कंस जैसे अत्याचारी का भी वध हो गया था। ऐसे अपराधी को छूने भी नहीं देंगे, जरूरत पड़ी तो हम गोली अपनी छाती पर खाने को तैयार हैं।”

फलाहारी बाबा के इस बयान के बाद संत समाज एकजुट होता दिखाई दे रहा है। कई धार्मिक संगठनों और स्थानीय भक्तों ने सोशल मीडिया और धरनों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया है।

धमकी देने के मामले में सतना पुलिस भी सक्रिय हो गई है। सतना के पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि, फिलहाल उनके पास कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को ध्यान में रखते हुए मामले की निगरानी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि, अगर कोई शिकायत आती है, तो कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सतना निवासी शत्रुघ्न सिंह ने फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट किया। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में युवक ने लिखा, “मेरे घर की बात में बोलता तो प्रेमानंद होता या कोई और, मैं उसकी गर्दन उतार लेता।” इस कमेंट ने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलते हुए भारी विवाद खड़ा कर दिया।

इस पोस्ट को लेकर श्रद्धालु बेहद नाराज हैं। युवक ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद को पत्रकार बताया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने मांग की है कि शत्रुघ्न सिंह को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।

बता दें कि कुछ दिन पहले प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने युवाओं को नैतिक आचरण और संस्कृति की रक्षा करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था, “आजकल बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप-पैचअप जैसे चलन युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति में इन चीज़ों का कोई स्थान नहीं है।”

प्रेमानंद महाराज जी की ये टिप्पणी कुछ युवाओं को नागवार गुजरी, और इसी वीडियो को आधार बनाकर शत्रुघ्न सिंह ने अपनी धमकी भरी पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दी।

धमकी की खबर फैलते ही पूरे संत समाज में एकजुटता दिख रही है। महंत रामदास महाराज जी ने कहा कि, “गाय, कन्या और साधु – इनकी रक्षा भारतीय संस्कृति का मूल है। जो भी संत प्रेमानंद महाराज जैसे आध्यात्मिक व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करेगा, उसे संत समाज माफ नहीं करेगा।”

संतों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि, ऐसे मामलों में कठोर और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई की जाए ताकि कोई भी व्यक्ति धर्मगुरुओं के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करने से पहले सौ बार सोचे।

संत प्रेमानंद महाराज को मिली धमकी ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि ये सवाल भी खड़ा कर दिया है कि, सोशल मीडिया पर धर्मगुरुओं के खिलाफ अभद्र भाषा और हिंसक धमकियों को किस हद तक नजरअंदाज किया जा सकता है।

हालांकि पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन श्रद्धालुओं और संत समाज की मांग है कि आरोपी के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए। ब्रजभूमि और अन्य क्षेत्रों में प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों में गहरा रोष है, जो ये संकेत देता है कि इस मामले को गंभीरता से लेना ही सरकार और प्रशासन के हित में होगा।