पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों के सम्मान और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत बनाने की अपील

हथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का किया आग्रह, कहा- बुनकरों का सम्मान ही आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव

रायपुर, 
 राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक  गमछा धारण कर प्रदेश की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है।

अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उपयोग करते हैं, तब हम न केवल उनकी आजीविका को सशक्त बनाते हैं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक का यह छोटा-सा प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी पारंपरिक कला, उत्कृष्ट शिल्पकौशल और रचनात्मकता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करना हम सबका  सामूहिक दायित्व है।

अग्रवाल ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागरिकों से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ वीडियो अथवा चित्र साझा करने और  राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस जनभागीदारी से देश-दुनिया तक हमारे बुनकरों की अद्भुत कला, उनकी मेहनत और भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा को नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी स्वदेशी अपनाने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

Rupesh Jha

Recent Posts

SC, ST-OBC आरक्षण में आर्थिक आधार पर उपकोटा नहीं, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने साफ किया अपना रुख

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों…

4 minutes ago

समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति: राजेश अग्रवाल

समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति: राजेश अग्रवाल रजवार समाज की बैठक…

4 minutes ago

CG लोक अदालत में समझौते से मिली राहत, बैंकों को ब्याज में छूट देने की सलाह

जगदलपुर. शहर में 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियां शुरू हो…

4 minutes ago

छिंदवाड़ा की प्रतिभाएं पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छिंदवाड़ा की प्रतिभाएं पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘यशस्वी संवाद’ में…

5 minutes ago

दबंग दुनिया पब्लिकेशन पर ₹48 करोड़ की GST रिकवरी, फर्जी सर्कुलेशन और विज्ञापन आय का आरोप

इंदौर दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (डीडीपीपीएल) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेंट्रल जीएसटी के…

5 minutes ago

CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तबादले से कर्मचारी की अर्जित वरिष्ठता खत्म नहीं होगी

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल प्रशासनिक कारणों से…

5 minutes ago