Categories: देश

दक्षिण भारत में बारिश का कहर, केरल में 8 मौतें; कर्नाटक में भूस्खलन से परिवार खत्म

नई दिल्ली
 दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। केरलम में बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। वहीं, पड़ोसी राज्य कर्नाटक के शिवमोगा में हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई है।

केरल में बारिश से 8 की मौत
केरलम में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 अन्य लापता हैं। इसके अलावा 13 लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए राज्यभर में 5,792 लोगों को सुरक्षित निकालते हुए 209 राहत शिविरों में भेजा गया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन राज्य में बारिश की स्थिति को लेकर विभिन्न जिलों के प्रभारी मंत्रियों और जिला प्रशासनों के लगातार संपर्क में हैं।

पिछले दिन की तुलना में बारिश में थोड़ी कमी आई है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया गया है। आपदा में 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

सबरीमाला तीर्थयात्रियों के लिए चेतावनी
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि जान गंवाने वालों के परिवारों के साथ-साथ बेघर हुए और अपनी फसलें व आजीविका खोने वाले लोगों को पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इस बीच, त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने 2 और 3 अगस्त को निरपुथरी के अवसर पर सबरीमाला जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। भारी बारिश, पंपा नदी में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

कर्नाटक में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण शिवमोगा जिले के इंदिरा नगर इलाके में रविवार तड़के करीब 2:30 बजे भूस्खलन हुआ। इस हादसे में एक अस्थायी शेड मलबे में दब गया, जिससे उसमें रह रहे एक प्रवासी मजदूर परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और उनके तीन वर्षीय बेटे के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक स्थित कोक्करेगारू गांव का रहने वाला था और पिछले दो वर्षों से इस शेड में रह रहा था।

पुलिस और अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला। पास के शेड में रहने वाला एक अन्य मजदूर इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों के जोखिम को उजागर कर दिया है।

Rupesh Jha

Recent Posts

बस्तर में पहली बार बेअसर रहा नक्सलियों का शहीदी सप्ताह, सुरक्षा बलों की रणनीति रही सफल

सुकमा-बीजापुर. बस्तर संभाग में इस बार नक्सलियों का तथाकथित शहीदी सप्ताह पूरी तरह फीका नजर…

1 hour ago

श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, आकाश नबी को मिला मौका

नई दिल्ली भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने…

1 hour ago

नकली डेयरी उत्पादों पर सख्त कार्रवाई: एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर तत्काल रोक

नकली डेयरी उत्पादों पर सख्त कार्रवाई: एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर तत्काल रोक…

1 hour ago

CG में प्रशिक्षु IFS अधिकारियों की पहली फील्ड पोस्टिंग, परख सारडा बने सुकमा के DFO

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वर्ष 2024 बैच के भारतीय वन…

1 hour ago

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 24 साल का सबसे खराब प्रदर्शन, पहली बार बना यह शर्मनाक रिकॉर्ड

नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो चुका है. ये खेल 23 जुलाई से…

1 hour ago

महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

नई दिल्ली बृजभूषण सिंह महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में बरी हो गए हैं.…

1 hour ago